सफाई के चंद घंटे बाद ही लबालब भर जाती हैं नालियां
दमोह. बजरिया वार्ड नं. 1 सबसे घनत्व आबादी वाला मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या 186 छोटी नालियां हैं। जिनका मिलान मुख्य नालों से न होने के कारण सफाई के चंद घंटों बाद ही जाम होकर बदबू फैलाने लगती हैं।
बजरिया वार्ड नं. 1 हौदी तिराहा लाइन से पीपल तिराहा गढ़ी मोहल्ला क्षेत्र के साथ मुर्शिदबाबा मैदान क्षेत्र आता है। इस वार्ड में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। कई सड़के निचले स्तर पर होने से यहां पानी भरता है। इस वार्ड के गंदे पानी निकासी के लिए सबसे ज्यादा नालियां बनाई गई हैं। 186 छोटी नालियों की सफाई कराना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। कर्मचारी कम होने के बावजूद यहां नालियों का सफाई कार्य लगातार होता रहता है लेकिन सफाई के बाद फिर नाली भर जाती है। जिसका मुख्य कारण यह है कि नालियां तो बनाई गई हैं लेकिन उनके गंदे पानी की निकासी के लिए मुख्य नाला की ओर सही निकासी नहीं रखी गई है। ऊंचाई होने के कारण छोटी नालियों का पानी बाहर नहीं निकल पाता है। सफाई में कीचड़ तो बाहर निकल जाता है लेकिन गंदा पानी वार्ड में ही घूमता रहता है, जिससे यहां नालियों से दुर्गंध उठना आम बात है।
इस वार्ड में की गलियों में अभी कई सड़कें पक्की नहीं हुई हैं, जो मिट्टी व मुरम की होने के कारण उनमें आए दिन जलभराव की स्थिति बनती है। जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वार्ड पार्षद फरहीन खान का कहना है कि ५ नाली व 4 सड़क के प्रस्ताव डाले गए हैं। उनके वार्ड 186 नालियां पूर्व से हैं, जिनकी सफाई करने के लिए पर्याप्त सफाई कर्मी नहीं है। इसके साथ ही मुख्य नालों में इन नालियों की निकासी न होने के कारण सफाई के बाद कुछ दिन में ही गंदी हो जाती है, फिर से सफाई मांगती हैं। नालियों की मुख्य समस्या है, जिसका ठोस निदान कराया जाना मुख्य एजेंडा है।