पैनिक बुकिंग या कालाबाजारी का खेल: गैस की शॉर्टेज के नाम फिर से लाइन में उपभोक्ता जिले में पर्याप्त सिलेंडर आने के बाद भी बन रही इस तरह की स्थितियां, डिलेवरी वेंडर भी हुए गायब, लोग हो रहे परेशान
दमोह. मौजूदा समय में घरेलू और व्यवसायिक गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोत्तरी होने के बाद जिले में सिलेंडर की मांग एकाएक बढ़ी हैं। ऐसे में गैस एजेंसियों में भी सिलेंडर की शॉर्टेज देखने मिल रही हैं। कुछ जगहों पर अभी से लाइन नजर आने लगी हैं, तो कहीं पर उपभोक्ताओं को ४-४ दिन भटकने के बाद भी गैस नहीं मिल रही है।
कुल मिलाकर जिले में गैस सिलेंडर को लेकर सामान्य स्थिति फिलहाल नहीं है। ऐसे में गैस एजेंसी संचालक जहां इसे लोगों की पैनिक बुकिंग की वजह से अचानक बढ़ी खपत बता रहे हैं, वहीं लोग इसे बढ़ते दाम की वजह से एजेंसी संचालकों की स्टॉक बढ़ाकर कालाबाजारी करने की योजना बता रहे हैं। इन सब के बीच अब तक प्रशासन द्वारा कोई सख्त एक्शन नहीं लिया जा सका है।
पत्रिका ने शहर स्थित अलग-अलग गैस एजेंसियों का जायजा लिया। जहां पता चलता है कि एक सप्ताह पहले तक गैस को लेकर स्थितियां सामान्य थीं, लेकिन घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में ६० रुपए बढ़ोत्तरी होने के बाद शॉर्टेज जैसी बातें सामने आईं। सबसे पहले घर-घर सिलेंडर पहुंचाने वाले अधिकांश वेंडर गायब हुए। इनसे संपर्क करने पर बताया गया कि गैस एजेंसी से ही लेना होगा। यह भी बताया गया कि गाड़ी नहीं आ रही हैं और शॉर्टेज है। हालांकि, गैस एजेंसी संचालक पर्याप्त सिलेंडर आने की बात करते नजर आए, लेकिन थोड़ी सख्ती उनके माध्यम से करने की बात सामने आई।
पत्रिका ने मंगलवार की सुबह पुरानी गल्ला मंडी स्थित गुप्ता गैस एजेंसी पहुंचकर स्थिति देखी। यहां बड़ी संख्या में लोग, महिलाएं सिलेंडर को लेकर लाइन में खड़े नजर आए। पहले पर्ची के लिए ऑफिस में लाइन, इसके बाद सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े लोग नजर आए। दोपहर में १२ बजे तक यहां ऐसी स्थिति देखने मिली। दोपहर में पत्रिका ने भारती गैस गोदाम की स्थिति देखी। यहां गोदाम पर कुछ लोग सिलेंडर लेने पहुंचे, लेकिन यहां उन्हें गैस नहीं मिल सकी। लोगों के अनुसार वह यहां ३ से ४ दिन से चक्कर काट रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के बाद बढ़े रेट से गैस एजेंसी संचालक अलर्ट हो गए हैं। आम दिनों की तरह उन्हें पर्याप्त सिलेंडर कंपनी से मिल रहे हैं, इसके बाद भी शॉर्टेज बाजार में दिखाई जा रही हैं। वेंडर के माध्यम से होने वाली सिलेंडर डिलेवरी बंद कर दी गई है। आम लोगों को आसानी से मिलने वाला सिलेंडर अब बमुश्किल दिया जा रहा हैं। ऐसे में एक पैनिक एजेंसी संचालकों द्वारा भी क्रिएट किया जा रहा है, जिससे लोग सबसे ज्यादा आशांकित हो रहे हैं। इधर, गैस सिलेंडर का स्टॉक भी एजेंसी संचालकों द्वारा किए जाने के आसार हैं, जिससे कि और रेट बढ़ते ही इन्हें कालाबाजारी कर अधिक रेट पर बेचा जा सके।