दमोह

दमोह में बिना जीएसटी वाले एस्टीमेट पेपर पर हो गए बिल, ग्रामीणों ने लगाए गड़बड़ी के आरोप

सरपंच सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप, जांच की मांग
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Nov 11, 2025
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GST Scam (Photo: Patrika Official)

बनवार. जनपद पंचायत जबेरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत परासई में गड़बड़ी के आरोप ग्रामीणों ने लगाए है। जिसमें सरपंच और सचिव ने उपयंत्री की मिलीभगत से सरकारी धन का भारी दुरुपयोग किए जाने जैसे आरोप है।
पंचायत के कुछ बिल भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें पंचायत में फर्जी बिलों, फर्जी वेंडरों और कागजी भुगतानों के जरिए लाखों रुपए का गबन करना माना जा रहा है। इन बिलों में टेंट हाउस, चौकीदारी, मिष्ठान भंडार और मजदूरी जैसे मदों में एक ही नाम से कई बार भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। यह पूरा खेल पंचायत स्तर पर तैयार किए गए कागजों और तकनीकी मंजूरियों की आड़ में चलना बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और सचिव की कारगुजारियां जनपद स्तरीय अधिकारियों जानकारी में हैं, फिर भी अब तक किसी ने कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा गड़बड़झाला अधिकारियों सीधी मिलीभगत से चल रहा है, जिसके कारण शासन की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं।
ग्राम के बृजेंद्र सिंह लोधी, राजेंद्र सिंह लोधी, बालेंद्र सिंह लोधी, अरविंद सिंह लोधी, प्रेमलाल विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने जनपद सीईओ, एसडीओ और इंजीनियर तक शिकायतें पहुंचाई हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत परासई में हुए सभी विकास कार्यों और भुगतानों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र जांच शुरू नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से जनपद कार्यालय का घेराव करेंगे। इस संबंध में शिवा जी गोंड एसडीओ मनरेगा का कहना है शिकायतें प्राप्त हुई हैं, इसकी जांच करा रहे हैं। उपयंत्री
प्रभास गढ़वाल का कहना है मेरी जिम्मेदारी निर्माण कार्यों की होती है, जहां तक फर्जी बिल की बात है तो इस संबंध में जनपद के अधिकारियों से बात करें।

Updated on:
11 Nov 2025 10:15 am
Published on:
11 Nov 2025 10:15 am