एक करोड़ रुपए पानी से मेरे भाई के यहां से मिले थे, वहीं उन्होंने बताया कि आइटी विभाग की टीम ढाई किलो सोना लौटाकर गई है।
दमोह. आयकर विभाग की छापेमार कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता ने सामने आकर कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि एक करोड़ रुपए पानी से मेरे भाई के यहां से मिले थे, वहीं उन्होंने बताया कि आइटी विभाग की टीम ढाई किलो सोना लौटाकर गई है।
कांग्रेस नेता शंकर राय खुद सामने आए
आयकर विभाग की दो दिन की सर्च और छापे के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता शंकर राय खुद सामने आए हैं और अपनी स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि इस छापे का वे दस साल से इंतजार कर रहे थे। क्योंकि दमोह में बहुत से लोग ऐसे थे। जो कयास और अफवाह के आधार तरह-तरह की बात करते थे। उन्होंने बताया कि जब्ती बनाई गए साढ़े तीन किलोग्राम सोने में से ढाई किलोग्राम आइटी टीम दस्तावेज होने के चलते लौटा गई है।
6 करोड़ रुपए आबकारी की लायसेंस फीस
यह पहला मौका है जब आयकर छापे के बाद किसी प्रभावित ने आकर इस तरह से अपनी बात रखी हो। उन्होंने यह भी बताया कि उनके घर से 5 करोड़ 67 लाख रुपए पकड़े गए हैं। इसका हिसाब भी वे देंगे, महीने की 6 करोड़ रुपए आबकारी की लायसेंस फीस ही होती है। बस कंडक्टर के नाम शराब दुकानों के लाइसेंस होने के मामले में कहा है कि भले ही लाइसेंस महेंद्र चौरसिया के नाम पर है, लेकिन व्यवसाय का संचालन कंपनी कर रही है जिसके वह व उनके बेटे हिस्सेदार है। बेनामी संपत्ति का दस्तावेज या अवैध हथियार जब्त नहीं हुए हैं। उनके यहां एक राइफल और दो पिस्टल लाइसेंसी हैं। जितनी भी कारे हैं, वह परिजनों के नाम पर दर्ज हैं। यह छापा पडऩे से वे मानसिक रूप से खाली हो गए हैं, तनाव हट गया है।
मेरे भाई के यहां टंकी में मिला रुपया
शंकर राय ने कहा कि जो पानी की टंकी से बैग निकालने और रुपया सुखाने का वीडियो वायरल हो रहा है, वह उनके घर का नहीं है, वह उनके भाई के यहां का बताया जा रहा है। आयकर विभाग का पूरा सहयोग किया गया। बाकी चीजों के बारे में कुछ नहीं कह सकता, गौरतलब है कि शंकर राय के साथ उनके तीन अन्य भाईयों कमल राय, संजय राय व राजू राय के घर पर आयकर इंवेस्टीगेशन विंग की छापेमारी हुई थी। तीन भाइयों के घर पर 3 करोड़ की नकदी और गहने जेवर व बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी।
आयकर अधिकारियों के हुए मुरीद
ऐसा पहली बार है जब दो दिन तक की कार्रवाई और जब्ती के दौरान घर पर मौजूद रहे आयकर अधिकारियों व अमले का प्रभावित पक्ष मुरीद हो गया है। शंकर राय ने बताया कि उनके छोटे भाई राजू राय के यहां छापे के दौरान बहू की तबियत खराब हो गई थी। तब आयकर अफसर मुनमुन शर्मा मिशन अस्पताल लेकर गई थीं। जबलपुर जाने के लिए एंबुलेंस का भाड़ा दिया, उन्हें 5 लाख रुपए साथ ले जाने दिए। जबलपुर जाने पर डॉक्टर को फोन कर कहा कि ये मेरी मां हैं, इनका बेहतर इलाज होना चाहिए। आयकर की टीम के इस मानवीय पहलू के वे कायल हो गए हैं, उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। आपात स्थिति में इस तरह अपनाए गए सहृदय व्यवहार के लिए वे जबलपुर जाकर अपर आयुक्त मुनमुन शर्मा का आभार भी जताएंगे।