
Damoh Mother-Two Children Death Case: मध्य प्रदेश के दमोह जिले के जमुनिया गांव में मां और दो बच्चों की संदिग्ध मौत को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। मृतिका मंजू गोंड (28) के मायके पक्ष से उसकी मां उमा रानी गोंड और अन्य लोग भी तेंदूखेड़ा के सांगा से जमुनिया गांव पहुंचे। उन्होंने बेटी खो देने से आहात और आक्रोशित मां ने कहा कि उनकी बेटी ने उन्हें घटना से एक दिन पहले फोन किया था। फोन पर मंजू ने पति की करतूत का पर्दाफाश किया था। वहीं, पति का कहना है कि उन दोनों के बीच कलह नहीं था।
मृतिका की मां के अनुसार, उन्हें मंजू का कॉल आया था। मां ने की मंजू ने उन्हें फोन पर कहा था- 'पति शराब पीकर मारपीट करता है। मेरा जीना मुश्किल हो गया है।' मां की माने तो यही कारण था जिसकी वजह से मंजू अपने बच्चों को लेकर सुबह कुएं के पास पहुंची और वारदात को अंजाम दिया।
मृतका की मां ने दामाद और सास पर भी गंभीर आरोप लगाए है। मां के अनुसार बीते कुछ सालों से लगातार बेटी के साथ मारपीट हो रही थी। इसके चलते बेटी एक साल तक मायके में रही थी। इस घटना के बाद इन लोगों ने जानकारी भी नहीं दी, गांव से उनके पास जानकारी पहुंची। उन्होंने ने पुलिस से प्रकरण दर्ज करते बची बच्ची आरुषि ने पूरा घटनाक्रम बताया। बता दें कि, मंगलवार सुबह 5 बजे मंजू अपने तीन बच्चों के साथ घर से निकली थी। घटना में मंजू सहित दो बच्चों का शव कुएं में मिला था। वहीं, आरुषि नाम की बच्ची को ग्रामीणों ने कुएं से बाहर निकालकर बचा लिया था। आरुषि का उपचार पथरिया अस्पताल में चल रहा है।
मायके से आई मां उमारानी गोंड के गंभीर आरोपों के बाद स्पष्ट है कि घर में कलह की स्थिति रही है। त्योहार के समय कलह बढने से मंजू गोंड बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने बच्चों के साथ मिलकर ऐसा कदम उठा लिया। इस घटनाक्रम को अन्य किसी व्यक्ति द्वारा नहीं देखा में देखा गया है। पुलिस इस मामले की सभी एंगल से भी जांच कर रही है क्योंकि मंजू को वारदात के दौरान किसी ने नहीं देखा था।
मामले की सूक्ष्म जांच के लिए पुलिस ने एक टीम भी गठित कर दी है। मामले में पति नेतराम का कहना था कि किसी भी प्रकार घर में कलह नहीं थी। उसे खुद समझ में रहा है कि उसकी पत्नी ने ऐसा क्यों में नहीं आ किया। वहीं, सास अनूपरानी का कहना कि परिवार के लोग दूसरे कमरे में सो रहे थे। उन्हें घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्हें सुबह पूरी घटना का पता चला था।