MP News: स्वास्थ्य शिक्षा को लेकर बड़ी हलचल है। मेडिकल कॉलेज के बाद अब नर्सिंग कॉलेज की तैयारी ने रफ्तार पकड़ ली है। मंजूरी मिलते ही जिले के छात्रों को बाहर जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
MP News: दमोह के बरपटी में आकार ले रहे मेडिकल कॉलेज (Medical College) साथ अब नर्सिंग कॉलेज खोले जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल शासन से इसके निर्माण की भी मंजूरी मिल जाएगी। छतरपुर जिले में हुई कैबिनेट बैठक में नर्सिंग कॉलेज खोले जाने की घोषणा के बाद अब शासन स्तर से मंजूरी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है।
माना जा रहा है कि 60 सीट के साथ दमोह में नर्सिंग कॉलेज शुरू होगा।अभी तक दमोह के छात्र-छात्राओं को बीएससी नर्सिंग और अन्य पाठ्यक्रमों के लिए सागर, जबलपुर और भोपाल जैसे शहरों में जाना पड़ता है। बाहर पढ़ाई, रहने का खर्च परिवार पर आर्थिक बोझ डाल रहा है। वहीं, कई विद्यार्थी चाहकर भी आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते।
भारतीय नर्सिंग परिषद (आइएनपी) के नियमों के अनुसार, किसी भी नए नर्सिंग कॉलेज (Nursing College) को प्रथम वर्ष में बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें दी जाती है। यानी यदि दमोह में नर्सिंग कॉलेज स्वीकृत होता है, तो पहले ही सत्र में जिले के 60 छात्र-छात्राओं को यहीं पढने का अवसर मिलेगा। हर वर्ष यही संख्या आगे बढ़ेगी, जिससे कुछ ही वर्षों में दमोह से सैकड़ों प्रशिक्षित नर्स निकलकर सामने आएंगी।
जिले में वर्तमान में नर्सिंग स्टाफ की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक प्रशिक्षित नर्सों की जरूरत लगातार बनी रहती है। एक दशक में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन जिला अस्पताल में बेड संख्या जस की तस है। ऐसे में अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ पर वर्क लोड बढ़ रहा है। नर्सिंग कॉलेज खुलने से यही कमी धीरे-धीरे दूर हो सकती है।
दमोह में मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज की आवश्यकता है। शासन स्तर से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। पहले साल में 60 सीटें मिलती हैं।- डॉ. राजेश अठ्या, सीएमएचओ दमोह