आतंक के खिलाफ मुंहतोड़ जवाब से लोग बढ़ा रहे सेना का मनोबल
तेंदूखेड़ा. ऑपरेशन सिंदूर के तीसरे दिन भी भारत-पाक के बीच तनाव के हालात को लेकर लोग दिनभर अपडेट्स लेते रहे। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के हमलों को नाकाम करने और उसके एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह करने को लोगों ने बड़ा अपडेट बताया। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद नगर व क्षेत्रों में जगह लोग इसी चर्चा में व्यस्त रहे और चौक-चौराहों पर भारत माता की जय के नारे गूंज रहे है। लोगों ने कहा कि हिंदुस्तान जो कहता है वो करके दिखाता है। खासकर महिलाओं ने आतंकवाद के खिलाफ इस कार्रवाई को एकदम उचित बताया।
-राजकुमार ठाकुर कहते है कि युद्ध की संभावना के चलते छुट्टी पर गए सैनिक अब सीमा की ओर रवाना हो रहे हैं। किसी भी प्रकार के वाहन में कृपया उठकर उन्हें बैठने दें। अगर हमें यह एहसास हो जाए कि मैं हूं, क्योंकि वे हैं, तो यह स्वाभाविक रूप से होगा।
सुदीप त्रिपाठी कहते है कि जवाबी कार्रवाई केवल भारत की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर तक जाकर कठोर कदम भी उठाने में सक्षम और तैयार है।
सरपंच लक्ष्मीबाई राय कहती है कि इस संकट की घड़ी में सबसे पहले तो एक सकारात्मक सोच और माहौल बनाना बहुत जरूरी है। देश की दो बेटियों ने ही पाकिस्तान के आतंकवाद को सबक सिखा दिया है। पूरी सेना तो इनका दम ही निकाल देगी। हम सब सेना के साथ हैं।
पूर्व जिपं अध्यक्ष अनीता सिंह कहती है कि जिस तरह से भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकवाद से बदला लेने के लिए एयर स्ट्राइक की है वो काबिले तारीफ है। हृदय से अपनी राष्ट्रीय सेना को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने हमारी अस्मिता की रक्षा की और जो निर्दोष नागरिकों के साथ पहलगाम में हुआ, उसका बदला लिया।
व्यापारी रत्नेश जैन कहते है कि सेना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवादी चाहे पाकिस्तान में हो या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में, वे भारत की पहुंच से बाहर नहीं हैं। जब भी हमारे निर्दोष नागरिकों का खून बहाया जाएगा, उन्हें इसी तरह जवाब मिलेगा।
व्यापारी गोविंद राय कहते है कि माताओं-बहनों का सिंदूर उजाड़ा था। सेना ने उनके खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाकर उन्हें मिट्टी में मिलाने का काम किया है। इस कार्रवाई में आतंकियों को चुन-चुनकर ठिकाने लगाया है इसके लिए वीर सैनिकों को नमन हंै।