
दमोह. वृद्धों की पीड़ा सुनकर आंखें भरना लाजमी हैं। काश, इसे शासन के नमुाइंदे भी समझ पाते। बात इंदिरा गांधी पेंशन योजना के पात्र वृद्धों से जुड़ी हैं, जिन्हें तीन महीने से पेंशन नहीं मिली हैं, अब चौथा भी शुरू हो गया हैं।
कुछ वृद्ध ऐसे भी हैं, जिनकी पीड़ा सुनकर आप अपने जेब से उनकी मदद करने आगे आ जाएंगे, क्योंकि, उनका पूरा माह का खर्च उन्हीं ६०० से जो चलता हैं। दवा से लेकर अन्य कार्य इन्हीं पैसों से होते हैं और जब तीन-चार महीने यही राशि उनके पास नहीं आती है, तो हर बार की तरह वह आधार, समग्र, फोटो लेकर नगरपालिका और बैंकों के चक्कर काटते नजर आते हैं और कहते हैं साहब मैं जिंदा हूं, पेंशन दिला दीजिए। हालांकि, इस बार उनकी ई-केवायसी नहीं होना वजह नहीं है, वजह शासन स्तर से वृद्धों, विधवाओं की पेंशन रुकना हैं, जिसका जवाब पेंशन अधिकारियों के पास भी नहीं हैं।
शोभानगर, चैनपरा वार्ड, जटाशंकर, पथरिया फाटक, फुटेरा वार्ड के ऐसे वृद्धों के पास पहुंचकर पत्रिका ने उनका दर्द समझने का प्रयास किया। वार्ड १ की सोनाबाई, डालचंद, मुन्नीबाई, बेनीबाई बताती है कि ६०० रुपए महीने उन्हें वृद्धा पेंशन मिलती हैं, जो अपे्रल के बाद नहीं आई है, जिससे बहुत परेशानी हो रही हैं। उनका खर्चा इसी पेंशन से चलता है, दवाइयां हर माह लगती हैं, जो भी अब नहीं ले पा रहे हैं। पेंशन नहीं आने से बहुत परेशानी हो रही है।
पेंशनधारियों के अनुसार पेंशन नहीं आने पर वह नगरपालिका और बैंकों के दो-दो बार तक चक्कर काट आए हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं बताता। इस उम्र में अब भाग दौड़ भी नहीं होती, बेटा आप ही पेंशन दिलवा दो। गुरुवार को वृद्धजन बैंकों के बाहर और अंदर बैठे नजर आए, जबकि नगरपालिका में भी वृद्धजन पेंशन की गुहार के लिए काफी संख्या में पहुंच रहे हैं, इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है।
9 हजार 81 करीब है नपा में पेंशन धारी
12 हजार करीब इंदिरा योजना के पेंशनधारी जिले में
2500 करीब नगरपालिका में इस योजना के पेंशनधारी
600 रुपए माह मिली है वृद्धा, विधवा पेंशन
3 महीने से नहीं मिली पेंशन
शासन स्तर से ही इंदिरा योजना के तहत दर्ज पेंशन धारियों की पेंशन बीते तीन माह से नहीं आ रही है। वृद्धजन पूछने आते हैं, जिन्हें जानकारी दी जा रही हैं। उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, जल्द ही पेंशन उनके खातों में आ जाएगी।
नितिन पटेल, प्रभारी पेंशन शाखा नगरपालिका दमोह