दमोह

स्कूलों ने नहीं दिया एडमिशन, ऑटिज्म पीड़ित बेटे को पढ़ाने पिता ने खोला स्कूल

जन्मजात बीमारी 'ऑटिज्म' से पीड़ित 15 साल के शिवांग मून सोनी को पिता ने ही दिलाया शिक्षा का अधिकार, स्कूलों ने एडमिशन देने से किया इनकार तो खुद खोला स्कूल...

less than 1 minute read
Feb 16, 2025
बेटे को शिक्षा का अधिकार दिलाने पिता ने खोला स्कूल.

शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। पर जन्मजात बीमारी 'ऑटिज्म' से पीड़ित 15 साल के शिवांग मून सोनी को किसी स्कूल ने यह अधिकार नहीं दिया। पिता सुशील सोनी हर स्कूल में बेटे की शिक्षा के लिए भटकते रहे। जब सभी ने प्रवेश से इनकार कर दिया तो, उन्होंने ऐसी पहल की, जिसने उन्हें नजीर बना दिया।

सुशील ने बेटे की शिक्षा के लिए ग्लोबल इंग्लिश स्कूल खोल लिया। 2022-23 में स्कूल खुला तो शिवांग के साथ आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नई राह मिली।

दमोह के सुशील सोनी का बेटा शिवांग बीमारी से मानसिक रूप से कमजोर गया। उसे समझने और बोलने में दिक्कत हो रही थी। बेटे को शिक्षित करने की तमन्ना में खोला स्कूल 180 बच्चों को मजबूत नींव साबित हुआ।

ऐसा बदलाव

- इस स्कूल में आर्थिक-मानसिक या शारीरिक समस्या से कहीं प्रवेश न पाने वाले बच्चे पढ़ते हैं।

- पढ़ाई ऐसे कराई जा रही है कि बच्चे धीरेधीरे अब पढऩे के साथ शब्दों को दोहराने में भी सक्षम हो रहे हैं।

Published on:
16 Feb 2025 10:05 am
Also Read
View All

अगली खबर