जनता और पार्षदों में निराशा और नाराजगी है। दमोह. शहर में विकास की गति को लेकर नई उम्मीद जगी हैं। पिछले सवा दो सालों में नगर परिषद के कार्यकाल में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ। जनता और पार्षदों में निराशा और नाराजगी है। हालांकि सोमवार को नए मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रदीप शर्मा ने पदभार […]
जनता और पार्षदों में निराशा और नाराजगी है।
दमोह. शहर में विकास की गति को लेकर नई उम्मीद जगी हैं। पिछले सवा दो सालों में नगर परिषद के कार्यकाल में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ। जनता और पार्षदों में निराशा और नाराजगी है। हालांकि सोमवार को नए मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रदीप शर्मा ने पदभार संभाला लिया है। उनके आने से विकास कार्यों को लेकर पार्षदों और जनता की उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं।
पिछले दो सीएमओ की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी और उदासीनता साफ दिखाई दी। इससे शहर में विकास कार्य ठप पड़े थे। पार्षदों का मानना है कि नए सीएमओ के आने से शहर में रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी। प्रदीप शर्मा ने पदभार संभालते ही पार्षदों से मुलाकात की और शहर के विकास के लिए उनकी योजनाओं और प्राथमिकताओं को समझा। पार्षदों ने नए सीएमओ से उम्मीद जताई है कि शर्मा शहर की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे और विकास कार्यों को तेजी से पूरा करेंगे। शर्मा ने भी आश्वस्त किया है कि वे पार्षदों और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि रुके हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। जनता और पार्षदों की उम्मीदें अब नए सीएमओ पर टिकीं हैं।
बता दें कि कलेक्टर के निर्देश पर मंगलवार को नवागत सीएमओ प्रदीप शर्मा शहर की यातायात व्यवस्था का जायजा लेने सड़कों पर नजर आए। इस दौरान दमोह एसडीएम आरएल बागरी, यातायात थाना प्रभारी दलबीर ङ्क्षसह मार्को मौजूद रहे। शहर के कीर्तिस्तंभ पर अधिकारियों की यह टीम पहुंची और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा की।
शहर में ये बड़े कार्य शुरू होने की उम्मीद
सीवर लाइन: शहर में सीवरेज एक बड़ी समस्या है। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता है। उम्मीद है कि सीवर लाइन के प्रोजेक्ट पर जल्द ही कार्य शुरू होगा।
कचरा निष्पादन प्लांट: लाडऩबाग में स्थित कचरा निष्पादन प्लांट चार साल से बंद पड़ा है। कचरा निपटान न होने से कचरे के अंबार लगे हैं और प्रदूषण फैल रहा है। उम्मीद है कि नए सीएमओ इस समस्या का समाधान निकालेंगे।
तालाबों का जीर्णोद्धार: फुटेरा तालाब सहित अन्य तालाब दुर्दशा का शिकार हैं। इन्हें संवारना एक बड़ी चुनौती है। हालांकि, फुटेरा तालाब के कायाकल्प के लिए ठेका हो गया है। उम्मीद है कि बाकी तालाबों को लेकर भी प्रयास होंगे।
अन्य योजनाएं: जनता से जुड़ी योजनाएं जैसे पीएम आवास, संबल योजना, पेंशन योजना आदि में हितग्राहियों का ध्यान रखा जाएगा और समय पर सुनवाई व ईमानदारी से कार्य होंगे।