दमोह

दमोह में बिना किसी से पूछे चालू मीटर बदलकर लगा रहे स्मार्ट मीटर, सरकारी आदेश नहीं होने के बाद भी कार्रवाई

Smart meter replacement: दमोह में चालू बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का मामला गरमा गया है। उपभोक्ताओं की सहमति, सरकारी आदेश और बिजली कंपनी के अधिकारों पर बहस छिड़ी है।
2 min read
• •
Oct 10, 2026
smart meter replacement existing meters consumer rights mp

Smart meter replacement: मध्य प्रदेश के दमोह में उपभोक्ताओं की आपत्तियों और बिजली कंपनियों को मिली नियामक छूट के बीच जिले में एक बार फिर स्मार्ट मीटर चर्चा में है। दरअसल, किसान नेता व एडवोकेट हरिश्चंद्र पटेल ने दावा किया है कि सरकार या प्रशासन ने स्मार्ट मीटर लगाने का कोई आदेश नहीं दिया।

मनमानी से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर- आरोप

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिना सहमति के मनमानी से लगाए गए। पटेल के मुताबिक घर के बाहर उनकी अनुमति के बिना लगाए गए स्मार्ट मीटर को हटाने के लिए उन्होंने प्रशासन से शिकायत की थी। उनके अनुसार कलेक्टर ने मीटर को खंभे से हटाकर घर पर लगाने का निर्देश दिया, जबकि वे स्मार्ट मीटर हटाने की मांग कर रहे हैं।

पटेल के उक्त दावे की पड़ताल की गई, तो हमें मप्र विद्युत नियामक आयोग का अगस्त 2025 को जारी आदेश मिला। जिसमें स्मार्ट मीटर लगाने की समयसीमा का जिक्र है। आदेश के मुताबिक कुछ परिस्थितियों में सामान्य मीटर इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि अगर स्मार्ट मीटर की व्यवस्था है, तो स्मार्ट मीटर ही लगाया जाएगा। लिहाजा, मीटर लगाने की प्रक्रिया, निर्धारित नियमों और प्रशासनिक आदेशों की वास्तविक स्थिति समझना जरूरी है।

स्मार्ट मीटर जारी, लेकिन सामान्य मीटर पर सशर्त छूट

मप्र विद्युत नियामक आयोग के अगस्त 2025 को पारित आदेश में नए कनेक्शनों और पुराने मीटरों को बदलने के लिए कुछ छूट दी है। संबंधित परिस्थितियों में सामान्य मीटर इस्तेमाल करने की छूट 31 मार्च 2028 तक बढ़ाई गई है। यह छूट निर्धारित क्षेत्रों, उपभोक्ता श्रेणियों और योजना की शर्तों को देखते हुए लागू की गई है।

मामले में बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने में उपभोक्ता की सहमति, मीटर के स्थान और बिजली कंपनी की वैधानिक शक्तियों को एक ही मामला नहीं माना जा सकता। असहमति से मीटर लगाना गलत या गैरकानूनी नहीं है। क्योंकि एमपीईआरसी के मुताबिक मीटर बिजली कंपनी की संपति है।

खराब मीटर बदलने के नियम का हवाला

केंद्र सरकार के बिजली उपभोक्ता अधिकार नियमों के नियम 5(13) में खराब, जले या चोरी हुए मीटर बदलने की व्यवस्था हैं। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे की निर्धारित समयसीमा का प्रावधान है। हालांकि प्रावधान अपने आप में सही चल रहे मीटर को तकनीकी उन्नयन के लिए बदलने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाता।

एमपीईआरसी के आदेश का सार 4 पॉइंट में

नए कनेक्शनः स्मार्ट मीटर लगेंगे, पर कुछ स्थितियों में सामान्य मीटर लगाने की छूट संबंधित टेंडर की समयसीमा के अनुसार अधिकतम मार्च 2028 तक दी गई है।

खराब मीटरः जांच में सही पाए गए सामान्य मीटरों को निर्धारित शर्तों के तहत खराब, बंद और जले मीटर सकता है। बदलने में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।

ग्रामीण क्षेत्र: संचार नेटवर्क नहीं होने पर मानक-अनुरूप चेक मीटर के इस्तेमाल की संभावना पर सक्षम मंजूरी के साथ लगाया जा सकता है।

अंतिम समयसीमाः पुराने मीटर बदलने की छूट 31 मार्च 2028 तक बढ़ाई गई है।

स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम न आएं उपभोक्ता

स्मार्ट मीटर नियमानुसार प्रक्रिया का पालन करते हुए लगाए गए हैं। इस संबंध में सरकारी आदेश भी है। आगे भी जहां कम्युनिकेशन की व्यवस्थाएं हैं, वहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं से अपील है कि स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम में न आएं। जो मीटर की जांच कराना चाहते हैं, तो लैब से जांच भी करवा सकते हैं।-अमित चौहान, एसई इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड दमोह

Updated on:
10 Oct 2026 10:21 am
Published on:
10 Oct 2026 10:21 am