petrol diesel shortage: शहर सहित जिले के 20 से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक लगभग खत्म हो गया है.....
petrol diesel shortage: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर सहित जिले के 20 से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक लगभग खत्म हो गया है, जिससे वाहन चालकों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार दमोह शहर के टंडन पेट्रोल पंप, कन्हैया पेट्रोल पंप, जेल पेट्रोल पंप, पुलिस पेट्रोल पंप सहित नरसिंहगढ़ क्षेत्र के तीन पेट्रोल पंपों पर ईंधन का स्टॉक समाप्त हो गया है। इसके अलावा रामा राम पेट्रोल पंप, नायरा पेट्रोल पंप, मां वैष्णव पेट्रोल पंप (मुक्तिधाम चौराहा), साहू तिगड़ा के आगे स्थित पेट्रोल पंप और सिंगपुर पेट्रोल पंप समेत कई अन्य पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं है।
ईंधन की कमी के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंचने के बाद खाली हाथ लौट रहे हैं। वहीं पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई में देरी के कारण यह स्थिति बनी है। नई खेप आने के बाद ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारी मिली है कि जेल विभाग के पेट्रोल पंप पर भी बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियां लेकर पहुंचे थे। सहायक जेल अधीक्ष ने बताया कि उनके पास अभी पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन यदि लोग अफवाहों के चलते इसी प्रकार भीड़ में आते रहे तो उनके यहां भी स्टॉक खत्म हो सकता है। वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग का पेट्रोल पंप बुधवार रात से ही बंद है, क्योंकि वहां डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति खत्म हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, शाम तक टैंकर आने पर आपूर्ति फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
प्रदेश के भोपाल, इंदौर से खबरे आ रही है कि कई पेट्रोल पंपो में भीड़ लग रही है। इंदौर संभाग में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है।
संभागायुक्त सुदामा खाड़े ने सभी जिलों के कलेक्टर और तेल कंपनियों के वितरकों के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। प्रतिनिधियों ने बताया, वर्तमान में उनके पास पर्याप्त स्टॉक है और आगे की जरूरतों के लिए भी भंडार सुरक्षित है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि जिलों में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे। बढ़ती मांग को देखते हुए सप्लाई चेन को और मजबूत करने पर जोर दिया है।