मोहल्ले की सड़क जिसके हाल गांव की कच्ची सड़क से भी खराब
दमोह. सिविल वार्ड नं. 10 में अलग-अलग मोहल्लों में अलग समस्याएं हैं। कृषि उपज मंडी के पीछे नाला बनाया गया लेकिन कवर्ड न किए जाने से दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों के बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। एक हिस्से में नलों से पानी घरों तक नहीं पहुंच रहा है। एक गली ऐसी है जहां पर सड़क न बनने से गांव से भी खराब हाल दिखाई दे रहे हैं।
सिविल वार्ड नं. 10 तीन गुल्ली से शुरू होकर गऊपुरा, कच्चा सिंधी कैंप, सिंधी धर्मशाला की साइड से बड़े मुख्य नाला किनारे वाला हिस्सा आता है। यहां से निकाले गए मुख्य नाले को जहां सर्पाकार बनाया गया है, वहीं खुला छोड़ा गया है। इस वार्ड के आखिरी मुहाने पर नाले की यह स्थिति है कि लोगों के दरवाजे से ही नाला निकाल दिया गया है, जहां के लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से नाला कवर्ड नहीं किया गया है। जिससे इस क्षेत्र के छोटे बच्चे आए दिन नाले में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। इस वार्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति भी अन्य वार्डों की तरह है, जहां कच्चे आवास वालों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। इस वार्ड में कमला पंडित जी से हनुमान जी मंदिर तक दो साल पहले बनाया नाला ऊंचा कर दिया है। इस गली की सड़क पक्की नहीं बनी है। जिससे वर्तमान स्थिति में यह सड़क किसी गांव की खचना सड़क से भी बदत्तर दिखाई दे रही है। इस वार्ड की जितनी गलियां हैं, वहां की अलग तरह की समस्याएं हैं। एक गली की पूरी लाइन में नई पेयजल पाइप लाइन से पानी सप्लाई नहीं हो रहा है। महज 10 से 15 मिनट की सप्लाई दी जा रही है, जिससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। एक गली में नाली की निकासी न होने के कारण लोगों के घरों में पानी भर रहा है। वहीं इस पूरे वार्ड में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है नालियों में पानी भरा रहने से गंदगी फैली हुई। इसके साथ मच्छर भी पनप रहे हैं।
वार्ड पार्षद गोपाल सिंह ठाकुर का कहना है कि उनके वार्ड की प्रमुख रोड व नाली निर्माण के प्रस्ताव डाले गए हैं। मुख्य समस्या पानी की है, पेयजल लोगों को नहीं मिल पा रहा है। नई लाइन व नई टंकी का प्रस्ताव दिया जा रहा है, जिसे मंजूर नहीं किया जा रहा है। नलों का खुलने का समय नहीं है, फोर्स से पानी नहीं दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में किस्तें भी बकाया है, जिन्हें पूरी डलवाना प्राथमिकता है। उनके वार्ड में नाला बनाया गया है लेकिन वह रिहायशी इलाके में कवर्ड नहीं किया गया है। जिसे भी कवर्ड कराना उनकी प्राथमिकता है।