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दमोह में समितियों ने खरीद लिया समर्थन मूल्य पर सड़ा और घुना गेहूं, अब राशन में बंटेगा

दमोह जिले के जेरठ से आया कीड़ा लगा, हिंडोरिया से गीला कर भेजा गया गेहूं, 7500 बोरी एफसीआई ने की रिजेक्ट, रेलवे स्टेशन पर एफसीआई का लगा है रैक, गुणवत्ता चेक के दौरान किया गया रिजेक्ट
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दमोह

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Samved Jain

•

Updated: 1 Jun 2026, 11:16 AM IST

Damoh Sada Genhu

Damoh Sada Genhu

दमोह जिले में गेहूं खरीदी एक बार फिर चर्चाओं में हैं। टीकमगढ़ में सड़ा, घुना, कचरायुक्त गेहूं रिजेक्ट होने के बाद अब एफसीआई ने दमोह में दो समितियों से आई 7500 सौ बोरी गेहूं रिजेक्ट कर दिया है। जिसका कारण गेहूं में कीड़ा लगे होना, सड़ा और घुना बताया गया है। इसके अलावा एक समिति द्वारा गेहूं को गीला करके भेजा जाना बताया गया है। रविवार की शाम 7 बजे यह कार्रवाई एफसीआई सागर की टीम ने रेलवे स्टेशन पर की है। इस कार्रवाई के बाद जिले में हुई गुणवत्ताहीन गेहूं खरीदी पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

10 समितियों के गेहूं से लगना था रैक


जिले में भंडारण के लिए जगह नहीं होने का मुद्दा पत्रिका द्वारा उठाए जाने के बाद एफसीआई ने दमोह में एक रैक लगाने की अनुमति दी थी। 1 जून का यह रैक लगना है, इसके लिए डंपिंग का कार्य रविवार को कराया जा रहा था। यहां पर जेरठ, हिंडोरिया, सतपारा, सूखा, किन्द्राहो, टिकरी पिपरिया, बकायन, बांसा तारखेड़ा, कुआखेड़ा नायक और खेजरा कला समिति से 55 हजार 500 बोरी डंप की जाना थी, इतनी मात्रा से ही रैक बनना था। इनमें से हिंडोरिया से 2500 और जेरठ से 5000 बोरी आना थी।

जेरठ का गेहूं पूरा घुना, हिंडोरिया का निकला गीला और सड़ा


गांधी ट्रांसपोटर के माध्यम से समितियों से गेहूं का उठाव कर रेलवे स्टेशन पर डंप कराया गया जा रहा था, जिसे एफसीआई की गुण नियंत्रक टीम ने जांच में लिया। इस दौरान जेरठ समिति से जितना भी गेहूं आया, वह पूरा घुना और कीड़ा लगा आया था। अलग-अलग सैंपल लेने के बाद भी सही गेहूं नहीं मिला, इसीलिए यहां की तीन गाडिय़ा पूरी रिजेक्ट की गई। इसी तरह हिंडोरिया का गेहूं चेक करने पर पाया गया कि गेहूं गीला और सड़ा है। यहां देखने मिला कि समिति प्रबंधक द्वारा इरादात्मक तरीके से गेहूं पर शटक से पानी डालकर गीला किया गया है, जिससे कि वजन बढ़ाया जा सके। इसीलिए, यहां की भी सभी गाडिय़ां रिजेक्ट की गईं।

खरीदी पर उठ रहे सवाल


पहले टीकमगढ़ में और अब दमोह रेलवे स्टेशन पर एफसीआई द्वारा रिजेक्ट किए गए सड़े घुने और खराब गेहूं से स्पष्ट है कि जिले में इस बार गेहूं खरीदी में बेजा गड़बड़ी हुई हैं। प्रशासनिक निरीक्षण शून्य होने की वजह से बेजा खराब और सड़ा घुना गेहूं समितियों द्वारा खरीदा गया है और अब खपाने की तैयारी की जा रही हैं। जिला स्तर पर किए गए भंडारण को भी टीम गठित करके जांच कराई जाए तो बड़ा गड़बड़झाला सामने आ सकता हैं।

रेकॉर्ड तैयार कर रहे, दूसरी समितियों का बुलाएंगे गेहूं


इस संबंध में एफसीआई के गुण नियंत्रक प्रबंधक कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि जेरठ और हिंडोरिया समितियों से आया सड़ा, कीड़ा लगा और गीला गेहूं रिजेक्ट कर दिया गया है। साथ ही उनकी गाडिय़ों को भी वापस कर दिया गया हैं। साथ ही हिंडोरिया और जेरठ के पूरे स्टॉक को रिजेक्ट करने नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को कहा गया हैं। रैक की मात्रा पूरी करने के लिए दूसरी समितियों का गेहूं डंप कराया जाएगा। पूरी कार्रवाई का रेकॉर्ड तैयार करके डीएम को भेजा जा रहा हैं। आगे की कार्रवाई वहीं से होगी।