दमोह

सितंबर में एक्सपायर हो गई थी बस, लेकिन कलाकारी ऐसी कि 2030 तक ले रखा था परमिट

Damoh bus accident : परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने, जिस वाहन को 2026 में होना था रोड से बाहर, उसे 2030 तक कैसे दिया गया परमिट, दमोह में ऐसी 30 से अधिक बस
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Oct 11, 2026
Damoh Bus Accident 2026
Damoh Bus Accident damoh-jabalpur state highway at abhana : PATRIKA

damoh bus accident : दमोह जिले के दमोह-जबलपुर स्टेट हाइवे पर शनिवार को एक बस ने दो स्कूली छात्राओं को कुचल दिया था, जिसमें दोनों की मौके पर मौत हो गई थी। दमोह के इस बस हादसे के बाद अब परिवहन विभाग की भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। हादसे का कारण बनी बस सितंबर में ही 15 वर्ष यानि एक्सपायर हो चुकी थी। ऐसे में अब बस रोड पर नहीं चलना चाहिए थी, लेकिन परिवहन विभाग सागर ने ही इस बस 2030 तक परमिट देकर रखा था। यानि हादसा नहीं होता तो बस 19 वर्ष तक सरकारी कागज के दम पर यात्रियों की जान से खिलवाड़ करती रहती। अभी भी बस के परमिट को महज एक माह के लिए निलंबित किया गया है।


इधर, इस बड़े हादसे के बाद भी परिवहन विभाग के टीम अलर्ट मोड पर नजर नहीं आई। जबकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब 2026 में बस की वैद्यता खत्म होना थी, तो 2025 में उसे 5 साल यानि 2030 तक का परमिट ही विभाग द्वारा क्यों जारी किया गया। ऐसी 30 से अधिक बसें अब भी दमोह की सड़कों पर दौड़ रही हैं। जिसकी लिस्टिंग होने के बाद भी उनका अलग-अलग मार्गों पर संचालन किया जा रहा है, जो यात्रियों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। पत्रिका ने बस स्टैंड सहित अन्य स्पॉट पर ऐसे बसों की स्थिति भी रविवार को देखी, जो यात्रियों के लिए काफी खतरनाक नजर आईं।

नियम 77 (1-क)(3) के उल्लंंघन का दोषी कौन


यहां बता दें कि मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 का नियम 77 (1-क)(3) के अनुसार ऐसे यान को, जिसके विनिर्माण वर्ष से 15 वर्ष पूर्ण हो चुके हो, किसी भी मार्ग पर चलने के लिए मंजिली गाड़ी का अनुज्ञापत्र मंजूर नहीं किया जाएगा। इस संबंध में हाईकोर्ट के भी स्पष्ट ऑर्डर हैं। ऐसी स्थिति में वाहन क्रमांक एमपी 20 पीए 0550 की मालिक मुस्तरी बेगम पत्नी नजर मोहम्मद निवासी नूरी नगर दमोह तो दोषी होती ही हैं, लेकिन परिवहन विभाग भी इसे 5 साल का परमिट देने के लिए दोषी हैं। खुद पर आंच आने के बाद परिवहन विभाग सागर के अधिकारी अब 1988 की धारा 84 का हवाला देते हुए बचने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें बस संचालक को यान के १५ वर्ष के होने के पूर्व ही अन्य नवीन यात्री वाहन पर उक्त परमिट का ट्रांसफर कराना होता है।


सड़क पर नहीं थी छात्राएं, स्टेयरिंग फंसने से हुआ था हादसा


परिवहन विभाग द्वारा बस एक्सीडेंट मामले में प्राइमरी जांच कराई है, जिसमें पाया गया है कि अभाना की टेक पर चढऩे और फिर उतरने के दौरान ओवरलोड बस की स्टेयरिंग का बोल्ट टूट गया, जिससे वह फंस गई और बस ने सड़क के बाहर चल रहीं छात्राओं को कुचल दिया। इस दौरान एक ऑटो चालक और एक बाइक सवार भी बाल-बाल बच गया था, वहीं टेक की उतार पर बस में सवार यात्री भी डर गए थे। यात्रियों के अनुसार ड्राइवर स्टेयरिंग फंसने की बात कर रहा था, जिससे बस सड़क से नीचे उतर गई थी और इसी दौरान बच्चियों को बस ने कुचल दिया। इसके बाद बस पूरी तरह घूम गई और दूर जाकर खड़ी हो गई। इस हादसे में बस चालक की लापरवाही के साथ-साथ अनफिट बस को फिटनेस देने के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई हैं।

वर्शन


परमिट का काम सागर और जबलपुर से होता है। अब मामला सामने आने के बाद ऐसी बसों कीजानकारी प्राप्त की जा रही है, जो कि १५ साल पुरानी हो चुकी हैं या होने वाली है। अभी इनकी लिस्ट नहीं आई है। जांच जारी है, प्राइमरी जांच में स्टेयरिंग की जानकारी लगी है।


स्वाति पाठक, परिवहन अधिकारी दमोह


Updated on:
11 Oct 2026 07:04 pm
Published on:
11 Oct 2026 07:04 pm