Liqour ban: मध्य प्रदेश में शराब की दुकान को लेकर जबरदस्त विरोध चल रहा है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों पर शराब पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब अन्य जगहों से भी शराबबंदी करने की मांग उठ रही है।
Liqour ban: मध्य प्रदेश के दमोह जिले के केवलारी गांव में शराब दुकान के खिलाफ ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में गांव की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने एकजुट होकर दुकान के सामने धरना दिया। भजन गाते हुए ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक यह दुकान नहीं हटेगी, तब तक वे यहीं डटे रहेंगे।
गांव की महिला प्यारी बाई ने सरकार को दो टूक कहा कि 'उन्हें 1200 रुपए की लाड़ली बहना योजना नहीं चाहिए, लेकिन शराब दुकान भी नहीं चाहिए। उनका आरोप था कि इस राशि का इस्तेमाल शराब खरीदने में हो रहा है, जिससे उनके घरों में परेशानी बढ़ गई है। महिलाओं का कहना था कि शराब दुकान के कारण गांव में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है और महिलाएं-बेटियां असुरक्षित महसूस करती हैं।
गांव के सरपंच ने बताया कि वे पिछले तीन साल से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन इस बार ग्रामीणों ने फैसला कर लिया कि वे अब पीछे नहीं हटेंगे। गुस्साए लोगों ने दुकान में ताला जड़ दिया और कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया।
विरोध प्रदर्शन के बीच आबकारी विभाग के अधिकारी अनुराग सिंह ने सरपंच से फोन पर बात कर तीन दिन के अंदर दुकान को शिफ्ट करने का आश्वासन दिया। वहीं, एसडीएम निकेत चौरसिया ने भी इस बात की पुष्टि की कि जल्द ही दुकान को हटा दिया जाएगा।
पथरिया की नायब तहसीलदार दीपमाला सिंह भी मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को बताया कि उनकी शिकायत जिला मुख्यालय तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण चाहें, तो वे अपनी मांग को कलेक्टर के सामने भी रख सकते हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का धरना जारी था।