
Dantewada News: बच्चों में छिपी प्रतिभा को उजागर करने के लिए छात्र जीवन एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, यही समय होता है जब बच्चों के रूचि अनुरूप उनके रूझान को पहचान कर उनके भावी जीवन की दशा और दिशा को सही मार्गदर्शन दें सकते है। यु तो छात्रों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ खेल-कूद सहित अतिरिक्त विधाओं में भी पारंगत होने की दरकार होती है। अगर खेल-कूद की बात की जाए तो क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल, कबड्डी जैसे परंपरागत खेलों से आमतौर पर हर कोई परिचित रहता है और सीखा जा सकता है। परंतु कई विधाएं ऐसी है जिसकी सुविधा सहज ही उपलब्ध नहीं हो पाती और घुड़सवारी विधा भी एक ऐसी विधा है।
जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल करते हुए जावंगा स्थित एजुकेशन हब के छात्र-छात्राओं को घुड़सवारी में पारंगत करने की कवायद की जा रही है। इसके लिए राजधानी रायपुर से घोड़े एवं प्रशिक्षक की व्यवस्था 1 अप्रैल से की गई है। छात्र-छात्राओं को सुबह और शाम दो पालियों में घुड़सवारी की बारीकियां, अश्व संचालन के तौर तरीके सिखाए जा रहे है और फिलहाल 30-30 छात्र-छात्रा घुड़सवारी प्रशिक्षण ले रहे है। घुड़सवारी प्रशिक्षण के लिए 09 घोड़े उपलब्ध कराये गये हैं।