दंतेवाड़ा

हाईटेंशन तार से पूर्व NMDC कर्मचारी की मौत, नागरिकों ने की लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

CG News: इस हादसे ने हाउसिंग बोर्ड में मकान निर्माण के दौरान हो रही लापरवाही को उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और हाउसिंग बोर्ड प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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CG News: हाईटेंशन तार से पूर्व NMDC कर्मचारी की मौत, नागरिकों ने की उच्चस्तरीय जांच व लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

CG News: नगर के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में गुरुवार को एक दुखद हादसा सामने आया, जिसमें पूर्व एनएमडीसी कर्मचारी हेमंत रजक की हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वे अपने निर्माणाधीन मकान के लिए निर्माण सामग्री लेने पड़ोस के मोहल्ले में स्थित एक अन्य निर्माणाधीन मकान की छत पर गए थे।

CG News: घटना के बाद मचा हड़कंप

मिली जानकारी के अनुसार, हेमंत रजक दोपहर करीब 1 बजे पास के आर.के. सिंह के निर्माणाधीन मकान की छत पर कुछ पाइप और अन्य सामान लेने पहुंचे थे। उसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें तेज करंट लगा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

नगर में दौड़ी शोक की लहर

हेमंत रजक की असमय मृत्यु से उनके परिवार पर गहरा दुख टूटा है। वहीं पूरे नगर में शोक की लहर है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही भविष्य में ऐसे हादसे न हों इसके लिए सुरक्षा उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है।

नगर पालिका ने निर्माण कार्यों की जांच की

CG News: इस हादसे ने हाउसिंग बोर्ड में मकान निर्माण के दौरान हो रही लापरवाही को उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और हाउसिंग बोर्ड प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि नगर पालिका की अनुमति से बहुमंजिला इमारतों का निर्माण तो हो रहा है, लेकिन इनके निर्माण पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं की जाती।

हाउसिंग बोर्ड द्वारा आवंटित मकानों को मनमाने ढंग से बढ़ाया जा रहा है, जिसके चलते कई मकानों की छतें और दीवारें हाईटेंशन तारों के बेहद करीब पहुंच गई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाईटेंशन तारों की निकटता के बावजूद न तो बिजली विभाग ने तारों को सुरक्षित करने के लिए कोई कदम उठाया और न ही नगर पालिका ने निर्माण कार्यों की जांच की। इस लापरवाही का खामियाजा हेमंत रजक को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

Updated on:
09 May 2025 10:54 am
Published on:
09 May 2025 10:53 am