
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में लगातार इनामी नक्सलियों का सरेंडर करना उनके पुराने साथियों को हजम नहीं हो रहा है। फाॅर्स द्वारा दंतेवाड़ा में तैनात किए 60 महिला कमांडो अब नक्सलियों का जीना मुश्किल कर दिया है।अब नक्सली अपना अस्तित्व बचने ग्रामीण और जवान को टारगेट कर रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के पुस्पाल से बोदली बनने वाली सड़क पर नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईडी बम की चपेट में आकर दो ग्रामीण मजदूर घायल हो गए है। दोनों मजदूरों को उपचार के लिए दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बारसूर थाना क्षेत्र में हुई घटना में घायलों को दंतेवाड़ा जिला अस्पताल उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। घायल मजदूर रिश्ते में भाई है, जिनमें से जगदीश गंभीर रूप से घायल है, उसके हाथ और पैर में गंभीर चोट आई है। वहीं उसके भाई मानू को भी काफी चोट आई है। दोनों को एंबुलेंस के जरिए दंतेवाड़ा जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर नक्सलियों की पोल खोल दी है, जो आदिवासियों का विकास नहीं होने की दुहाई देते हुए दूसरी ओर विकास कार्यों में रोड़ा अटकाते रहते हैं। प्रदेश में नई सरकार के बनने के बाद नक्सलियों के रूख में बदलाव आने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन यह आस भी अब धूमिल हो चुकी है।
दंतेवाड़ा में तैनात है दंतेश्वरी फाइटर
हाल ही में पुलिस विभाग ने दंतेवाड़ा में 60 महिला कमांडों की तैनाती करवाई है जिसमे कुछ पुलिस है और कुछ सरेंडर हुई नक्सली महिला। इनको तैनात करने के पीछे बड़ा कारन यह भी है की अब जवानों पर ग्रामीण महिलाओं से छेड़छाड़ का रूप नहीं लगेगा चुकी ये महिला कमांडो गांव में सुरक्षा के साथ साथ ग्रामीण महिलाओं को मदद करेंगे।
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