माओवाद प्रभावित ढोलकल पहाड़ी व फूलपाड़ प्रपात की खूबरसूरती से दुनिया को वाकिफ कराने अब जिला प्रशासन गाइड तैयार कर रहा है। इसके लिए स्थानीय युवाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। निजी संस्था प्रेरणा गाइड तैयार करवाने का काम कर रही है। बारसूर और दंतेवाड़ा को छोड़ दिया जाए तो ढोलकल और फूलपाड़ बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित है। ढोलकल गणेश प्रतिमा के टूटने के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की भावनाओं को उस दौरान तवज्जो दी।
पर्यटन स्थल ढोलकल को तराशा जाएगा
आनन-फानन में कई ग्राम सभाएं हुई। ढोलकल उत्सव मनाया गया। ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि ढोलकल को पर्यटन स्थल के रूप में तराशा जाएगा। बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछाया जाएगा। घटनाक्रम को छह माह बीत गए पर सड़क तक नहीं बनी। बुनियादी सुविधाएं न होने के बावजूद निजी संस्था को गाइड तैयार करने का ठेका दे दिया गया। फूलपाड़ जलप्रपात की सुंदरता का बखान करने के लिए यहां भी युवाओं को तैयार किया जाएगा।
इलाके में नक्सलियों का है बोलबाला
यह वो इलाका है जहां माओवादी दहशत का बोलबाला है। एक दशक पहले बनी इस जलप्रपात के लिए सड़क और सीढिय़ां जर्जर हो चुकी हैं। लाल लड़ाकों की पनाहगाह में यह जलप्रपात है। लोगों का कहना है कि सबसे पहले यहां बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछे इसके बाद गाइड तैयार करने का काम किया जाना चाहिए।
हरेक पर्यटन स्थल पर 25 युवा किए जाएंगे तैयार
प्रेरणा संस्था के मोहित ने बताया कि चार पर्यटन स्थलों पर जिला प्रशासन से 25-25 युवाओं को प्रशिक्षण देने की अनुमति मिली है। पहले चरण में फरसपाल के ढोलकल पहाड़ और गणेश प्रतिमा तक पर्यटकों को पहुंचाने गाइड तैयार किया जाएगा। इसके बाद बारसूर, पालनार व दंतेवाड़ा में भी 25-25 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। दसवीं व 12वीं पढ़ चुके युवाओं को खोजा जा रहा है। ऐसे युवक जो स्थानीय बोली, हिंदी के अंग्रेजी का भी समझ रखते हों। इससे पर्यटकों को सहूलियत होगी।