
E-pos machine server down: किरंदुल कोडेनर शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान(Government fair price ration shop) के ई पॉश मशीन का सर्वर डाउन होने के कारण पिछले पांच दिनों से हितग्राहियों को राशन नहीं मिल पा रहा है। वहीं कई उपभोक्ता ऐसे है जिनके पास राशनकार्ड(Ration card) है आधार कार्ड है यहां तक कि खाद्य विभाग द्वारा उनका कॉर्ड सत्यापित भी किया गया है उसके बाद भी ईपॉश मशीन(ePosh machine) में आधार कार्ड नॉट अवेलेबल दिखाता है। जिसके कारण उन हितग्राहियों को राशन नहीं मिल पा रहा है।
ऐसे ही कोड़ेनार के गरीब आदिवासी लक्ष्मण मंडावी ने रोते हुए अपनी आपबीती बताई और कहा कि हर माह मै शासकीय उचित मूल्य दुकान के चक्कर काटता हूं पर मुझे राशन नहीं मिल रहा है। यहां तक की मै खाद्य विभाग के अधिकारियों से भी मिला कलेक्टर दंतेवाड़ा के यहां पत्र भी दिया उसके बाद भी मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। सरकार की ऐसी योजना का क्या फायदा जो गरीबों को ना मिल सके। अब मैं निराश हो चुका हूं मैंने उम्मीद खो दी है। मेरे जैसे कई और निर्धन आदिवासी है जो विकलांग है जो और कोई काम नहीं कर सकते। पहले आसानी से राशन गरीबों को मिल जाता था। लेकिन सरकार ने आदिवासी बहुल क्षेत्र में ऐसे नियम लाकर सीधे तौर पर गरीबों के पेट में लात मेरी है। जहां ना तो नेटवर्क रहता है और ना कोई सुविधा। खाद्य अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते नजर आते हैं।
एक कार्ड इंट्री के बाद ही सरवर बंद
आपको बता दे कि 11 जनवरी को जैसे ही शासकीय उचित मूल्य दुकान(government fair price shop)कोड़ेनार को सेल्समैन सरपंच और पंच ने खोला एक कार्ड इंट्री के बाद ही सरवर(Server) बंद हो गया। जिसके कारण हितग्राही आक्रोशित हो गए और सबको दुकान से बाहर निकाल कर दुकान में ताला जड़ दिया। उनका कहना है कि जब सरकार को राशन ही नहीं देना है तो रोज राशन दुकान खोलने का क्या मतलब है। इससे अच्छा सबके राशन कार्ड को सरकार वापस ले ले कम से कम जो हम काम मे जाते है हमारी रोजी रोटी तो मार नहीं खाएगी।
पटवारी ने समझाया
आक्रोशित लोगों को शांत करवाने सरपंच मीना मंडावी ने पटवारी हेमंत कुमार देवांगन को बुलाया जिसके बाद उन्होंने हितग्राहियों को बहुत समझाया और कहा कि इसमें सेल्समैन या सरपंच की कोई गलती नहीं है यह पूरे प्रदेश में समस्याएं बनी हुई है। पटवारी ने पंचनामा बनाकर अपने अधिकारियों को सौंपा। लेकिन सवाल ये उठता है कि यह समस्या जब पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा जिले में है तो कलेक्टर दंतेवाड़ा को इस और संज्ञान लेकर एक ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि कोई भी व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।