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स्कूल और रिहायशी इलाकों के आसपास मंडरा रहे आवारा कुत्ते, बचेली में एक सप्ताह में 30 से ज्यादा डॉग बाइट केस

stray dogs in Bacheli: बचेली में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से लोगों की चिंता बढ़ी है। एक सप्ताह में डॉग बाइट के 30 से अधिक मामले सामने आने का दावा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर कार्रवाई की मांग उठी।
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Dog Bite Case

बचेली में बढ़े डॉग बाइट के मामले (Photo Source- Patrika Create)

Dog Bite Case: बचेली नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों से लोगों की चिंता बढ़ गई है। बीते एक सप्ताह में अस्पताल में डॉग बाइट के करीब 30 से अधिक मामले सामने आने का दावा किया गया है। नगर के कई इलाकों में हिंसक और आक्रामक कुत्ते घूमते दिखाई दे रहे हैं। बच्चों के मोहल्लों में खेलने और स्कूली विद्यार्थियों के शाम के समय ट्यूशन जाने के दौरान अभिभावकों को उनकी सुरक्षा की चिंता बनी रहती है।

Dog Bite Prevention: बढ़ते मामलों के बावजूद नियंत्रण की कमी

स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ कुत्तों के लगातार लोगों को काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुत्तों की बढ़ती संख्या के बावजूद इनके नियंत्रण और उपचार को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समस्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है। लोगों ने नगर निकाय और प्रशासन से आवारा कुत्तों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई तथा जनसुरक्षा के उपाय करने की मांग की है।

बच्चों की सुरक्षा पर विशेष चिंता

बचेली में स्थानीय लोगों ने नगर निकाय से कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के साथ ही आक्रामक कुत्तों की पहचान, उपचार और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल, अस्पताल और आवासीय क्षेत्रों के आसपास विशेष निगरानी की जरूरत है, ताकि डॉग बाइट की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। अदालत ने राज्यों को पर्याप्त एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोब्युलिन उपलब्ध कराने तथा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया है।

Supreme Court stray dog guidelines: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला

सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2026 के फैसले में आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि स्कूल, अस्पताल, खेल परिसर, बस डिपो और रेलवे स्टेशन जैसे संस्थागत क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएं और ऐसे क्षेत्रों से हटाए गए कुत्तों को वापस वहीं न छोड़ा जाए।

एंटी-रेबीज वैक्सीन जरूरी

डॉग बाइट की घटना के बाद तत्काल इलाज भी बेहद जरूरी होता है। काटने की स्थिति में घाव को अच्छी तरह साफ करने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन लेने की जरूरत पड़ सकती है। गंभीर या जोखिम वाले मामलों में डॉक्टर इम्यूनोग्लोब्युलिन देने का निर्णय ले सकते हैं।

बचेली जैसे क्षेत्रों में समस्या का आकलन करने के लिए यह भी जरूरी है कि डॉग बाइट के मामलों का नियमित रिकॉर्ड तैयार किया जाए। किन इलाकों में घटनाएं ज्यादा हो रही हैं, वहां कितने आवारा कुत्ते हैं और कितने कुत्तों का नसबंदी व टीकाकरण हुआ है— इन आंकड़ों के आधार पर स्थानीय प्रशासन प्रभावी योजना बना सकता है।