दंतेवाड़ा

दंतेवाड़ा कलेक्टर के नाम से फर्जी संदेश, IAS देवेश कुमार ध्रुव बोले- यह मेरा नंबर नहीं.. मची खलबली

Fake Message: IAS देवेश कुमार ध्रुव केे नाम से फर्जी संदेश भेजने का मामला सामने आया है। वहीं इस मामले में कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि ऐसे फर्जी संदेश पर ध्यान नहीं दें..
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Updated: 12 Mar 2026, 5:00 PM IST
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कलेक्टर के नाम से फर्जी नंबर से संदेश भेजने का मामला ( Photo - Patrika )

IAS Devesh Kumar Dhruv: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव केे नाम का दुरुपयोग कर फर्जी संदेश भेजने का मामला सामने आया है। अज्ञात शख्स ने फर्जी कॉन्टैक्ट नंबर से कई लोगों को मैसेज ( Fake Message) भेजा है। इधर इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। इस संबंध में कलेक्टर ध्रुव ने स्पष्ट किया है कि उक्त नंबर उनका नहीं है और न ही उनके द्वारा किसी प्रकार का संदेश भेजा गया है।

IAS Devesh Kumar Dhruv: फर्जी नंबर या संदेश पर ध्यान न दें..

कलेक्टर ध्रुव ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी फर्जी नंबर या संदेश पर ध्यान न दें और किसी प्रकार की सहायता या जानकारी साझा न करें। ये पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार का संदेश प्राप्त होता है तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ध्रुव ने नागरिकों से साइबर फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश के झांसे में न आएं और सतर्कता बरतें।

Fake Message: ऐसे हुआ खुलासा

बताया जा रहा है कि शहर के कुछ लोगों के पास कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के नाम से मैसेज आया। वॉट्सएप मैसेज के लिए लोगों से पैसे की डिमांड की गई। वहीं मैसेज में कलेक्टर का नाम देख लोग हैरत में आ गए। वहीं संदेश भेजने वाला शख्स खुद को कलेक्टर से जुड़ा बताकर लोगों से संपर्क करने का प्रयास कर रहा था। जब इस बात की जानकारी जिला प्रशासन के अफसरों को हुई तो कान खड़े हो गए। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है।

कलेक्टर की अपील

कलेक्टर ने कहा कि सोशल मीडिया और मोबाइल के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहना बेहद जरूरी है। आज के समय में कई शातिर लोग सरकारी अधिकारियों, संस्थाओं या प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों को आर्थिक या अन्य प्रकार की हानि पहुंचा सकती है।

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12 Mar 2026, 5:00 PM IST
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