
6 मेडिकल स्टोर पर दबिश (photo source- Patrika)
Medical Store Raid: भोपालपटनम क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए मेडिकल स्टोरों पर औचक छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई को नशे के बढ़ते दायरे पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
ड्रग इंस्पेक्टर आलोक मौर्या के नेतृत्व में गठित टीम ने भोपालपटनम के 6 मेडिकल स्टोरों पर अचानक पहुंचकर सघन जांच अभियान चलाया। बिना पूर्व सूचना के हुई इस कार्रवाई से दवा विक्रेताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदार अपने रिकॉर्ड और स्टॉक को लेकर तुरंत सक्रिय नजर आए।
जांच के दौरान टीम ने उन दवाओं पर खास फोकस किया, जिनका दुरुपयोग नशे के रूप में किए जाने की आशंका रहती है। अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक का मिलान किया और क्रय-विक्रय रजिस्टरों की बारीकी से जांच की। कई स्थानों पर रिकॉर्ड में असंगतियां पाई गईं, जिस पर अधिकारियों ने सख्त नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान कुछ मेडिकल स्टोरों में रिकॉर्ड अपडेट नहीं पाया गया। बिलिंग सिस्टम में भी खामियां सामने आईं। इस पर टीम ने संचालकों को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए और कहा कि हर लेनदेन का सही और पारदर्शी रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड में लापरवाही को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में नशीली या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के न की जाए। उन्होंने कहा कि इस नियम का उल्लंघन सीधे कानून के दायरे में आता है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
आलोक मौर्या ने साफ कहा कि अगली जांच में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता, स्टॉक में अंतर या बिना पर्ची दवा बिक्री पाई जाती है, तो संबंधित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद न केवल जिन दुकानों पर जांच हुई, बल्कि आसपास के अन्य दवा व्यापारियों में भी खलबली मच गई है। अब अधिकांश संचालक अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में जुट गए हैं।
यह अभियान साफ संकेत देता है कि प्रशासन अब नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद इस तरह की सख्त कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि क्षेत्र में नशे के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
Updated on:
18 Apr 2026 02:22 pm
Published on:
18 Apr 2026 02:21 pm
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