Bastar Pandum 2026: इस कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर अंचल की जनजातीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, जिसमें लोक कलाकारों की भागीदारी रहेगी।
Bastar Pandum 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आदिवासी परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बस्तर अंचल की लोकसंस्कृति को मंच प्रदान करने समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति एवं लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में जिले में बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला एवं संभाग स्तर पर सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिले की 12 प्रमुख पारंपरिक विधाओं से जुड़े कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय लोकनृत्य, लोकगीत, वाद्ययंत्र, नाट्य एवं अन्य पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहन देना है।
प्रथम चरण के अंतर्गत जनपद स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके लिए संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर विकासखंडवार कार्यक्रम तय किए गए हैं। जनपद स्तर पर प्रतियोगिताएं निर्धारित तिथियों में विभिन्न स्थलों पर आयोजित होंगी।
कोण्डागांव में ऑडिटोरियम में 15 से 17 जनवरी 2026 तक, माकड़ी में मंडी प्रांगण में 15 से 16 जनवरी 2026 तक, फरसगांव में सामुदायिक भवन जनपद पंचायत परिसर में 15 से 16 जनवरी 2026 तक, केशकाल में सुरडोंगर मैदान में 19 से 20 जनवरी 2026 तक तथा बड़ेराजपुर में हाई स्कूल मैदान मारंगपुरी में 19 से 20 जनवरी 2026 तक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
Bastar Pandum 2026: प्रथम चरण में प्रत्येक विजेता दल को 10,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही प्रतिभागी दलों को प्रमाण पत्र एवं फोटो फ्रेम देकर सम्मानित किया जाएगा।द्वितीय चरण में जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 24 से 29 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।
इस चरण में प्रत्येक विजेता दल को 20,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। जिला पंचायत की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय चयन समिति का गठन किया जाएगा। तृतीय एवं अंतिम चरण में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 6 से 8 फरवरी तक किया जाएगा।