वन विभाग के चिकित्सक का कहना है कि यह गिद्ध विलुप्त प्रजाति का है। उम्रदराज होने के कारण अस्वस्थ है। जिसके कारण वह उड़ पाने में असमर्थ है। हम उसका इलाज कर रहे हैं और उसके भोजन का भी प्रबंध किया गया है।
दंतेवाड़ा. गीदम वन परिक्षेत्र में मिला उम्रदराज गिद्ध सोमवार शाम गीदम पनेडा के बीच एक गिद्ध देखा गया। यह गिद्ध लोगों की कौतुहल का विषय बना रहा। कदुलनार बिट गार्ड गिद्ध को घायल अवस्था में गीदम वन कार्यालय ले आया। जहां उसका उपचार किया गया और उसे निगरानी में रखा गया है।
वन विभाग के चिकित्सक का कहना है कि यह गिद्ध विलुप्त प्रजाति का है। उम्रदराज होने के कारण अस्वस्थ है। जिसके कारण वह उड़ पाने में असमर्थ है। हम उसका इलाज कर रहे हैं और उसके भोजन का भी प्रबंध किया गया है। उसके स्वस्थ होने के बाद उसे उड़ाने का प्रयास किया जाएगा।
आपको बता दें कि गिद्ध शिकारी पक्षियों के अंतर्गत आनेवाले मुर्दाखोर पक्षी हैं, जिन्हें गृद्ध कुल (Family Vulturidae) में एकत्र किया गया है। ये सब पक्षी दो भागों में बाँटे जा सकते हैं। पहले भाग में अमरीका के कॉण्डर, किंग वल्चर , कैलिफोर्नियन वल्चर, टर्की बज़र्ड और अमरीकी ब्लैक वल्चर होते हैं और दूसरे भाग में अफ्रीका और एशिया के राजगृद्ध, काला गिद्ध, चमर गिद्ध, बड़ा गिद्ध और गोबर गिद्ध मुख्य हैं।