
दंतेवाड़ा। Chhattisgarh News: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा विजयादशमी एवं संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर परंपरानुसार मंगलवार को शस्त्र पूजन किया। इस अवसर पर संघ वक्ताओं ने शस्त्र पूजन का महत्व विस्तार से समझाया। शस्त्र पूजन के आयोजन में बाल स्वयंसेवकों की संख्या बहुतायात थी। बड़ी संख्या में स्वयं सेवक भी विजयादशमी उत्सव एवं शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शामिल होने गायत्री मंदिर परिसर हॉल में एकत्र हुए थे।
वक्ताओं ने पूजन का महत्व को समझाया
गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष विजायादशमी पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा शस्त्र पूजन का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में गायत्री मंदिर में सुबह 7 बजे से 8 बजे तक शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान भारत मां, आरएसएस के संस्थापक डॉ० केशव राव बलिराम हेडगवार और द्वितीय सरसंघ चालक माधवराव सदाशिवराव गोलवरकर की तस्वीर के सामने शस्त्र रखकर पुष्प चढ़ाकर पूजन किया गया।
आरएसएस वर्ष में कुल
6 उत्सव मनाता है
विभाग सह कार्यवाह कैलाश सोनी ने कहा कि आरएसएस वर्ष में कुल 6 उत्सव मनाता है। विजयादशमी उसमें से एक है। यह पर्व असत्य पर सत्य की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का द्योतक है। शस्त्र पूजन के दौरान संतोष महापात्र, वेणु गोपाल, अंकुर भदौरिया, शुभम साहू, मिश्रिलाल झाड़े, दीपक पाल, मनिश, संतोष चौहान, रूपेंद्र वासुदेवा, मोहन भदौरिया, विमल दिक्षित, आदि स्वयं सेवक मौजूद थे। मुख्य अतिथि के तौर पर धाकड़ समाज प्रमुख पारस ठाकुर भी मंचासीन थे।