
टेलिंग डैम के खतरे के बीच 10 परिवार बेघर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Dantewada News: टेलिंग डैम के संभावित खतरे को टालने के लिए प्रशासन द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के बाद 10 परिवारों के सामने नया मानवीय संकट खड़ा हो गया है। रविवार को वार्ड क्रमांक 08 में आईआईटी मुंबई द्वारा खतरनाक घोषित टेलिंग डैम के प्रभाव क्षेत्र में बसे परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। एसडीएम की मौजूदगी में पुलिस बल और प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके बाद प्रभावित परिवार बेघर हो गए।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से एनएमडीसी द्वारा संचालित आदिवासी आश्रय भवन में ठहराया है। हालांकि परिवारों का आरोप है कि शुरुआती भोजन व्यवस्था के बाद उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। आश्रय स्थल पर न भोजन बनाने की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
बेदखल परिवारों का कहना है कि उनके मकानों का मलबा अब भी मौके पर पड़ा हुआ है। निर्माण सामग्री और घरेलू सामान के चोरी या क्षतिग्रस्त होने की आशंका उन्हें सता रही है। वहीं विस्थापन के कारण कई लोग अपने दैनिक रोजगार पर भी नहीं जा पा रहे हैं, जिससे आर्थिक संकट और गहरा गया है।
प्रभावित परिवारों में गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। एक ओर उन्हें अचानक हुए विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर अस्थायी आश्रय में सीमित सुविधाओं के बीच जीवनयापन की चुनौती झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर की गई कार्रवाई में मानवीय पहलुओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को आदिवासी आश्रय भवन में 15 अक्टूबर तक रहने की अनुमति दी है। इस अवधि के भीतर उन्हें अपने लिए नया ठिकाना तलाशना होगा। यदि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाती है तो इन 10 परिवारों के सामने एक बार फिर सिर छुपाने का संकट खड़ा हो सकता है।
टेलिंग डैम के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन की कार्रवाई सुरक्षा के लिहाज से जरूरी मानी जा सकती है, लेकिन इसके बाद प्रभावित 10 परिवारों के सामने आवास, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की परेशानियों ने इस मामले को मानवीय संवेदनाओं से भी जोड़ दिया है। फिलहाल 15 अक्टूबर तक अस्थायी आश्रय मिला है, लेकिन इसके बाद इन परिवारों के पुनर्वास और स्थायी व्यवस्था को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं।
Published on:
17 Jun 2026 02:53 pm
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