
Datia By Election BJP Ticket Contenders: मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा में टिकट को लेकर दौड़ तेज होती नजर आ रही है। वैसे तो इस सीट पर पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे प्रबल माना जा रहा है लेकिन अब पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने भी टिकट की दावेदारी पेश की है। वर्ष 2008 के बाद ये पहली बार है जब दतिया में किसी नेता ने इस तरह से खुलकर चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी की है।
पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र भेजकर टिकट की दावेदारी पेश की है। मुकेश मुड़ोतिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट के दावेदारी करते हुए पत्र भेजे हैं। इतना ही नहीं पत्र में मुकेश मुड़ोतिया ने स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा भी उठाया है और मांग की है कि किसी बाहरी प्रत्याशी की जगह स्थानीय सक्रिय कार्यकर्ता को पार्टी को मौका देना चाहिए। इसके साथ ही मुड़ोतिया ने पत्र में अपने चार दशक के संगठनात्मक अनुभव और भाजयुमो जिलाध्यक्ष रहते हुए निभाई गई जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया है।
दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा भाजपा पार्टी से सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने नामांकन पत्र खरीदकर अपने स्तर पर चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया की ओर से टिकट की दावेदारी करने को लेकर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने पत्रिका से बात करते हुए बताया कि टिकट मांगना हर कार्यकर्ता का अधिकार है, अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होगा। पार्टी जिसे भी टिकट देगी सभी भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी एकजुट होकर उनके लिए चुनाव प्रचार करेंगे।
इधर गुरुवार को दतिया उपचुनाव से पहले मध्यप्रदेश में कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के सीनियर नेता राकेश सिंह यादव ने गुरुवार को भाजपा का दामन थाम लिया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के समक्ष भोपाल में प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचकर राकेश सिंह यादव ने बीजेपी की सदस्यता ले ली। हेमंत खंडेलवाल ने राकेश सिंह को भाजपा का गमछा पहनाकर स्वागत किया। कांग्रेस के महासचिव रह चुके राकेश सिंह यादव ने पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। पिछले सप्ताह उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों के साथ प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद भाजपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही थी, जो गुरुवार को सही साबित हुईं।