datia bypoll 2026: दतिया उपचुनाव की हलचल तेज हो गई है...। राजेंद्र भारती और नरोत्तम मिश्रा में कट्टर प्रतिद्वंदिता है। यही कारण है कि कांग्रेस की इस विजयी सीट पर भाजपा की भी निगाह लग गई है।
datia bypoll 2026: मध्यप्रदेश के दतिया में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद दतिया उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के बाद दतिया कलेक्टर ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह उपचुनाव कब होंगे, इसकी तारीख जल्द घोषित होने वाली है।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर उपचुनाव होने वाला है। दिलचस्प यह है कि यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के कोर्ट से सजा देने के बाद अयोग्य घोषित करने के कारण खाली हुई है। राजेंद्र भारती भाजपा के कद्दावर नेता एवं पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर चुनाव जीते थे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक राजेंद्र भारती और नरोत्तम मिश्रा में कट्टर प्रतिद्वंदिता है। यही कारण है कि कांग्रेस की इस सीट पर सभी की निगाह लग गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पत्र मिलने के बाद कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल की चेकिंग के लिए बुलाया है। जिला कलेक्टर कार्यालय में 19 मई को इसकी चेकिंग होगी। जिले में 291 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिसके लिए 200 मशीनों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही 600 बैलेट यूनिट, 600 कंट्रोल यूनिट और 600 वीवीपैट मशीनों का भी परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड के इंजीनियर प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के पत्र में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पालिटिकल पार्टियों के प्रतिनिधियों को इस दौरान उपस्थित रहना आवश्यक है। इन प्रतिनिधियों से पासपोर्ट साइज फोटो, वैध पहचान पत्र समेत व्यक्तिगत जानकारी 18 मई तक मांगी गई है।
एमपी के बड़े नेताओं की भी निगाह एमपी की दतिया सीट क्यों लगी है, इसका कारण यह हाईप्रोफाइल सीट है। इस सीट पर राजेंद्र भारती कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ते आ रहे हैं और भाजपा की तरफ से नरोत्तम मिश्रा चुनाव लड़ते आ रहे हैं। दोनों ही व्यक्तियों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा से भी जुड़ी है। कभी नरोत्तम मिश्रा जब भाजपा की ओर से विधायक थे तो राजेंद्र भारती की शिकायतों के बाद उन्हें भी अयोग्य घोषित कराने का मामला कोर्ट तक पहुंचा था। इसके बाद राजेंद्र भारती कांग्रेस के विधायक बने तो वे एक सहकारी बैंक के एफडी घोटाले में फंस गए। इन्हें सजा हो गई और राजेंद्र भारती को अयोग्य घोषित कर दिया। अब वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसके लिए राजेंद्र भारती ने भाजपा नेता पर साजिशन फंसाने के आरोप लगाए थे।
2023 में राजेंद्र भारती को 88977 वोट मिले थे, जबकि नरोत्तम मिश्रा को 81235 वोट मिले थे। अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी से चुनाव हारने के बाद नरोत्तम मिश्रा काफी निराश हो गए थे। कुछ ही दिनों में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने शायराना अंदाज में कहा था कि मैं लौटकर आउंगा, यह वादा रहा। जब राजेंद्र भारती को कोर्ट ने सजा सुनाई और विधानसभा ने उनकी सदस्यता खत्म कर दी, इसके बाद से ही नरोत्तम मिश्रा का वही बयान फिर वायरल होने लगा है, जिसमें वे कह रहे हैं कि 'मैं लौटकर आउंगा।' नरोत्तम मिश्रा कह रहे हैं कि क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत में। कर्म पथ पर जो भी मिला, यह भी सही है, वह भी सही है। मैं लौटकर आउंगा यह वादा है। चुनावों की तारीखों की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है, लेकिन नरोत्तम मिश्रा सक्रिय नजर आ रहे हैं। स्थानीय राजनीति में भी नरोत्तम मिश्रा पर निगाह लग गई है। 2023 का चुनाव हारने के बाद नरोत्तम मिश्रा भाजपा संगठन में सक्रिय रहे। इस दौरान उनके कार्यकाल में कांग्रेस के कई दिग्गजों को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई थी।
भाजपा और कांग्रेस अभी रणनीति ही बना रहे हैं, इस बीच आजाद समाज पार्टी ने दतिया उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार ही घोषित कर दिया है। दामोदर यादव को प्रत्याशी बनाया है। यह पार्टी सत्ता और विपक्ष के समीकरण बिगाड़ सकती है। इस पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने दावा किया है कि वे चुनाव जीतेंगे।