
दतिया. जैन तीर्थ क्षेत्र सोनागिर में शनिवार-रविवार की रात चंद्रप्रभु मंदिर में चोरी की सनसनीखेज वारदात हुई। इसमें मंदिर में रखी भगवान चंद्रप्रभु की साढ़े सात किलो वजनी चांदी की प्रतिमा, सवा दो किलो वजन का सिंहासन, लगभग एक किलो का पदमासन तथा तीन दानपेटियों के ताले तोडक़ऱ करीब 40 हजार रुपए चोर ले गए।
सोनागिर जैन तीर्थ क्षेत्र के 57 नंबर चंद्रप्रभु मंदिर में चोर कुंडी काटकर घुसे। जबकि मंदिर से महज 30-35 कदम की दूरी पर पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। चौकी बनने के बाद यहां दिन-रात तीन पुलिसकर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि वारदात की रात ड्यूटी पर तैनात एसएएफ आरक्षक त्रिलोक रावत, रणवीर सिंह और प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिंह यहां नहीं मिले। सोनागिर तीर्थ क्षेत्र के जैन मंदिर में लगातार तीसरी बार हुई चोरी से जैन समुदाय में भारी आक्रोश है । इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मंदिर तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है।
चोरों ने मंदिर के मुख्य गेट पर लगे ताले को तोडऩे के बजाय फनर की मदद से कुंडी काटी और ताला लगे रहने की स्थिति में ही गेट खोलकर अंदर प्रवेश कर गए। इसके बाद उन्होंने आराम से मंदिर के अंदर समय बिताते हुए पहले भगवान चंद्रप्रभु की चांदी की प्रतिमा उठाई, फिर सिंहासन और पदमासन समेटा और अंत में दानपेटियों से नकदी निकालकर फरार हो गए।
मंदिर में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ कि कैमरों की रिकॉर्डिंग केवल 25 मार्च तक ही उपलब्ध है। वारदात वाली रात की कोई फुटेज नहीं मिली। मंदिर प्रबंधक संदीप जैन के अनुसार तकनीकी खराबी के कारण रिकॉर्डिंग बंद हो गई थी, जिसकी जानकारी घटना के बाद फुटेज देखने पर मिली। इससे जांच प्रक्रिया मुश्किल हो गई है।
सिद्ध क्षेत्र सोनागिर के जैन मंदिर में जैन समुदाय की बड़ी आस्था बसी है। इसे विश्व में दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ स्थल माना जाता है, जबकि पहला स्थान झारखंड स्थित समेद शिखर (शिखरजी) को प्राप्त है। चंद्रप्रभु भगवान के मंदिर से चांदी की प्रतिमा, ङ्क्षसहासन और पद्मासन चोरी होने की घटना ने श्रद्धालुओं को गहरा आघात पहुंचाया है। यहां से चोरी गई प्रतिमा को पिछले वर्ष ही मंदिर में स्थापित किया गया था। मंदिर प्रबंधक संदीप कुमार जैन के अनुसार चोरी हुई चंद्रप्रभु भगवान की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 16 नवंबर 2025 को ग्वालियर के फूल बाग चौराहा पर आयोजित पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के दौरान हुई थी। प्रतिष्ठा के बाद प्रतिमा को सोनागिर लाकर मंदिर में स्थापित किया गया था। सोनागिर पहाड़ पर कुल 77 जैन मंदिर स्थित हैं, जिनमें मंदिर क्रमांक 57 चंद्रप्रभु भगवान का प्रमुख मंदिर है। मान्यता है कि यहां अब तक करीब 5.50 करोड़ मुनियों ने मोक्ष प्राप्त किया है, जिससे इस तीर्थ का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। चोरी की घटना ने तीर्थ की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोनागिर तीर्थ क्षेत्र में तीसरी बार हुई चोरी से जैन समाज में गहरी ङ्क्षचता व्याप्त है। श्रद्धालु जल्द से जल्द चोरी का खुलासा कर प्रतिमा की बरामदगी की मांग कर रहे हैं।
Updated on:
06 Apr 2026 12:40 am
Published on:
06 Apr 2026 12:40 am
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