
Datia Narottam Mishra Supporters Protest: मध्यप्रदेश के दतिया में उपचुनाव के लिए भाजपा की ओर से आशुतोष तिवारी के नाम का ऐलान किए जाने के बाद बवाल मचा हुआ है। सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज उनके समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने सबसे पहले बाजार बंद कराया और फिर झांसी-ग्वालियर हाईवे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। खबर लिखे जाने तक झांसी-ग्वालियर हाईवे पर 12 किमी लंबा जाम लग चुका है और गाड़ियों की लंबी कतार लग चुकी है।
नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बड़ी संख्या में झांसी-ग्वालियर हाईवे पर जमे हुए हैं और विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी कर रहे हैं। शाम 6.30 बजे से नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने हाईवे जाम कर रखा है जिसके कारण खबर लिखे जाने तक हाईवे पर 12 किमी लंबा जाम लग चुका है और दोनों ही तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात है और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोग हटने के लिए तैयार नहीं है और रातभर हाईवे जाम करने की बात कह रहे हैं।
देखें वीडियो-
नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार घोषित न किए जाने से नाराज दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत सभी जिला पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। इतना ही नहीं दतिया के सभी भाजपा पार्षदों ने भी इस्तीफा दे दिया है। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी अपना इस्तीफा दे रहे हैं जिससे इस्तीफों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खबर है कि एक साथ इतनी ज्यादा संख्या में इस्तीफे होने से पार्टी में हलचल तेज हो गई है।
भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा की सीट बन चुके दतिया विधानसभा उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का नाम कटना सभी को हैरान कर गया। नरोत्तम मिश्रा इस उपचुनाव में सक्रिय हो चुके थे और कार्यकर्ताओं से भी लगातार मिलने लगे थे। भाजपा की ओर से भी पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट लगभग तय माना जा रहा था। नरोत्तम के अलावा भाजपा के दो नेता भी दावेदारों में शामिल थे। उनमें से अवधेश नायक और घनश्याम सिंह के नाम थे। लेकिन अंत समय तक पैनल में आशुतोष तिवारी का नाम शामिल नहीं था और पार्टी ने सभी को चौंकाते हुए आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
इधर पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता राजेन्द्र भारती को दिल्ली हाई कोर्ट से शुक्रवार (10 जुलाई) को बड़ा झटका लगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। राजेंद्र भारती ने सजा पर रोक लगाने और दतिया विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया पर भी रोक लगाने की अपील थी। बता दें कि रूरल डेवलपमेंट बैंक घोटाला मामले में उन्हें स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 3 साल की सजा हुई थी, सजा के बाद ट्रायल कोर्ट से उन्हें जमानत मिल चुकी है।