दतिया

घरेलू गैस से दौड़ रहीं स्कूली वैन, वाहन में भरे जा रहे 14-15 बच्चे, दतिया में सरेआम तोड़े जा रहे नियम

Domestic LPG Cylinder: स्कूली वैनों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर से वैन चलाने और क्षमता से दोगुने बच्चों को बैठाने की शिकायतों ने चिंता बढ़ाई।
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Updated: 24 Sep 2026, 10:23 AM IST
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Domestic LPG Cylinder School Van: घरेलू गैस से दौड़ रहीं स्कूली वैन, दतिया में सरेआम तोड़े जा रहे नियम (फोटो सोर्स- Patrika)

Domestic LPG Cylinder School Van:दतिया शहर में बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाली कई वैनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है। कुछ वैनों में घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर और जुगाड़ से लगाई गई गैस किट का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, क्षमता से लगभग दोगुने बच्चों को बैठाकर वैन संचालित की शिकायतें भी हैं। इससे अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। शहर में करीब 34 से अधिक निजी स्कूलों से जुड़ी एलपीजी/सीएनजी किट वाली मारुति वैन संचालित होने की बात सामने आई है।

क्षमता 7 की, वैन में भर रहे 15

अभिभावकों के अनुसार कुछ वैन में 7 सीट की क्षमता के बावजूद 14 से 15 तक बच्चों को बैठाया जा रहा है। बच्चों को सीटों के बीच और अन्य उपलब्ध जगहों पर बैठाने से आपात स्थिति में उनके सुरक्षित बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। वैन में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन बटन, गति नियंत्रक और जीपीएस जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल आने-जाने के लिए पर्याप्त सुरक्षित और नियमित परिवहन विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण वे निजी वैन पर निर्भर है। ऐसे में प्रशासन को केवल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय सभी स्कूल वाहनों की जांच कराकर नियमों के अनुरूप परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

ये हैं नियम

स्कूल वाहन के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार वाहन की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए और उस पर स्कूल वाहन लिखा होना चाहिए। बच्चों के परिवहन का रिकॉर्ड, वैध परमिट और अधिकृत चालक की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। छात्राओं के परिवहन में महिला सहायक की व्यवस्था का भी प्रावधान है। शैक्षणिक परिवहन में घरेलू या अनधिकृत एलपीजी के इस्तेमाल पर रोक है।

स्थानीय लोगों ने जताया विरोध

हमें यह भी पता नहीं चलता कि वैन में वैध किट लगी है या अवैध। इसकी जांच की जिम्मेदारी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय और पुलिस प्रशासन को लेनी चाहिए। बच्चों को भेजना मजबूरी है।-मोनू साहू होली पुरा निवासी

यह सीधा बच्चों की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है। जब तक बच्चा स्कूल से सही-सलामत घर नहीं लौट आता, तब तक मन में अनजाना डर बना रहता है। स्कूल प्रबंधन को इस पर सख्त कदम उठाना चाहिए।- संगीता कौरव,राजघाट कॉलोनी निवासी

स्कूल वैन संचालकों को बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि अगर वैन संचालक गैस किट से वाहन चला रहे हैं तो उसे तत्काल बंद कर दें। वहीं, स्कूल वैन निर्धारित प्रावधान से अधिक बच्चे पाए गए तो चालानी कार्रवाई की जाएगी। गैस किट को लेकर एक-दो दिन में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे।-हिमांशु तिवारी, यातायात प्रभारी,दतिया

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24 Sep 2026, 10:23 AM IST
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