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दतिया उपचुनाव के बाद भाजपा में नए सिरे गठन शुरु, माधवेंद्र सिंह परिहार बने जिला अध्यक्ष

Datia BJP District President : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडलवाल ने माधवेंद्र सिंह परिहार को दतिया भाजपा का जिला अध्यक्ष घोषित करते हुए आधेस पत्र जारी कर दिया है।
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Datia BJP District President

माधवेंद्र सिंह परिहार बने दतिया भाजपा के जिला अध्यक्ष (फोटो सोर्स: Madhavendra Singh Parihar Facebook)

Datia News : मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद पार्टी आलाकमान की ओर से पूरी कार्यकारिणी का हटा दिया था। अब मंगलवार को भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी के गठन की शुरुआत हो गई है। पार्टी ने माधवेंद्र सिंह परिहार को दतिया भाजपा का जिला अध्यक्ष घोषित किया है। भाजपा प्रदश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है।

इस संबंध में मध्य प्रदेश भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा जिला अध्यक्ष की घोषणा की है, जो निम्न अनुसार है!

उपचुनाव के बाद भंग हुई थी पूरी जिला इकाई

दतिया में विधानसभा का उपचुनाव हारने के बाद भाजपा ने भीतरघात के आरोपों के चलते अपनी पूरी जिला इकाई को भंग कर दिया था। इस उपचुनाव में कांग्रेस के घनश्याम सिंह चुनाव जीत गए थे और भाजपा के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी 6 हजार वोटों के अंतर से हार गए थे। इस अप्रत्याशित हार ने भाजपा को भीतर तक हिलाकर रख दिया था। इसके साथ ही स्थिति की समीक्षा करने के लिए दो सदस्यीय पैनल बनाई गई थी, जो लगातार जमीनी नेताओं से फीडबैक ले रही थी। लंबे समय से चल रहा था कि दतिया जिला इकाई का पुनर्गठन किसी जल्दबाजी में नहीं होगा, बल्कि पूरी समीक्षा के बाद किया जाएगा। जांच रिपोर्ट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को शौंप दी गई थी।

ये नाम भी थे रेस में

जिला इकाई भंग होने के बाद से नए जिला अध्यक्षों के नाम पर मंथन चल रहा था। इसमें उपचुनाव हारने वाले आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया के नाम भी चल रहे थे। इसके अलावा स्थानीय कार्यकर्ता कालीचरण कुशवाह भी रेस में चल रहे थे।

नई कार्यकारिणी भी जल्द

अब नए जिला अध्यक्ष की नियुक्ति होने के साथ ही नई कार्यकारिणी भी जल्द सामने आ जाएगी। इसमें उन लोगों को मौका मिल सकता है जो उपचुनाव में भीतरघात से दूर रहे और जिन्हें क्लीन चिट मिल गई थी। कुछ भीतरघातियों को तो बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।