
UPI Above 2000 Charge: दतिया में दुकानों से गायब हो रहे QR Scanners (फोटो सोर्स- Patrika)
UPI Above 2000 Charge: यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ने लगी है। 15 अक्टूबर से निर्धारित श्रेणी के 2,000 रुपए से अधिक के मर्चेट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने की चर्चा के बीच इसका असर दतिया के बाजार में अभी से दिखाई देने लगा है।
मध्य प्रदेश के दतिया में व्यापारियों के अनुसार शुल्क लागू होने से पहले ही शहर के करीब 8 से 10 प्रतिशत दुकानदारों ने यूपीआई बारकोड से भुगतान लेना बंद कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि बड़े डिजिटल भुगतान पर लागत बढने से छोटे कारोबारियों के सीमित मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा। प्रस्तावित व्यवस्था में 2,000 रुपए से अधिक के पात्र व्यापारी भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगेगा और इस शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी देय होगा। हालांकि यह शुल्क सीधे ग्राहक से वसूलने की अनुमति नहीं होगी। 75 हजार रुपए या उससे अधिक के लेनदेन पर एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपए बताई गई है।
दतिया शहर में कई दुकानदारों ने शुल्क की आशंका के चलते यूपीआई बारकोड हटाना शुरू कर दिया है। व्यापारियों के मुताबिक 10 हजार रुपए के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत की दर से 40 रुपए एमडीआर बनेगा। इसके ऊपर जीएसटी अलग से जुडने से लागत और बढ़ेगी। किराना, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कारोबार में 2,000 रुपए से अधिक के बिल आम हैं। अब तक यूपीआई से भुगतान लेने में अतिरिक्त लागत नहीं थी, इसलिए ग्राहक और दुकानदार दोनों इसे सुविधाजनक मानते थे। अब बड़े भुगतान पर शुल्क लगने की स्थिति में व्यापारी नकद भुगतान को प्राथमिकता देंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था में 2,000 रुपए से अधिक के पात्र व्यापारी भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगेगा और इस शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी देय होगा। हालांकि यह शुल्क सीधे ग्राहक से वसूलने की अनुमति नहीं होगी। 75 हजार रुपए या उससे अधिक के लेनदेन पर एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपए बताई गई है।
Updated on:
18 Sept 2026 09:50 am
Published on:
18 Sept 2026 09:50 am
