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Datia News : राखी बांधने से पहले ही सदा के लिए बिछुड़ गया 14 साल का भाई, बहन की आंखें पथराईं

Datia Rakhi News : दतिया के सिविल लाइन थाना के रिछरा में दर्दनाक घटना, राखी बंधवाने से पहले ही भाई दुनिया छोड़ गया, हुई अनहोनी
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दतिया में राखी बंधवाने से पहले ही भाई की सांसें थमी

दतिया में राखी बंधवाने से पहले ही भाई की सांसें थमी फोटो सोर्स : AI Grok

Datia News : दतिया में रक्षाबंधन पर बहन की कलाई पर राखी बंधवाने और उससे प्यार की डोर में बंधने की तैयारी कर रहा 14 वर्षीय जिगर कुछ ही पलों में हमेशा के लिए परिवार से दूर हो गया। बड़ी बहन से राखी बंधवाने के लिए तैयार हो रहा जिगर अपने कपड़ों पर प्रेस कर रहा था, तभी अचानक उसे करंट लग गया। करंट का झटका इतना तेज था कि प्रेस उसके सीने से चिपक गई। परिजन जब तक उसे बचाने के लिए पहुंचे, उसकी सांसें थम चुकी थीं। भाई जिगर को राखी बांधने की तैयारी में लगी बहन तमन्ना इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। रो रोकर उसका बुरा हाल हो गया है। हृदयविदारक हादसा शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे सिविल लाइन थाना अंतर्गत ग्राम रिछरा में हुआ।

रक्षाबंधन के दिन घर में उत्सव का माहौल था

जिगर खान पुत्र सफीक खान कक्षा नौवीं का छात्र था। वह माता- पिता का इकलौता बेटा था और एनसीसी में भी भागीदारी करता था। रक्षाबंधन के दिन घर में उत्सव का माहौल था, लेकिन कुछ ही देर में खुशियां मातम में बदल गईं।

घर पर जिगर और उसकी 16 वर्षीय बहन तमन्ना ही थे

हादसे के वक्त जिगर की मां उसके पिता को साथ लेकर रक्षाबंधन मनाने अपने मायके गई थीं। घर पर जिगर और उसकी 16 वर्षीय बहन तमन्ना ही थे। बहन ने सबसे पहले जिगर को करंट की चपेट में देखा। उसने घबराकर दादाजी को आवाज लगाई। परिवार के लोग दौड़े, लेकिन तब तक जिगर की सांसें थम चुकी थीं।

पिता मजदूरी करके बेटे की पढ़ाई और पूरे परिवार का खर्च चला रहे थे

चाचा आशिक खान ने बताया कि जिगर परिवार का इकलौता बेटा था। पिता मजदूरी करके बेटे की पढ़ाई और पूरे परिवार का खर्च चला रहे थे। बेटे के बेहतर भविष्य के सपने संजो रहे परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि रक्षाबंधन के दिन ही उसका चिराग हमेशा के लिए बुझ जाएगा। जिस घर में कुछ देर बाद बहन भाई की कलाई पर राखी बांधने वाली थी, उसी घर में मातम पसर गया।

बार-बार अपने भाई का नाम लेकर जोर से रोती और कहती अब वह किसे राखी बांधेगी

बड़ी बहन तमन्ना की आंखें जैसे पथरा गईं हों। बार-बार अपने भाई का नाम लेकर जोर से रोती और कहती अब वह किसे राखी बांधेगी। यह रक्षा बंधन उसे ऐसा दर्द दे गया शायद ही इसे वह कभी भूल पाएगी।