हिला देगा ये मामला- राजस्थान में एेसा शातिर गैंग चढ़ा हत्थे, जिसके वारदात का तरीका जानकर पुलिस भी हैरत में
दौसा। कोतवाली थाना पुलिस ने राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं गुजरात में स्वयं, दोस्तों एवं परिजनों के एटीएम कार्ड लगा कर मशीन को हैक कर बैंकों से राशि की ठगी करने वाले गिरोह के पांच जनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिनको पांच दिन के पुलिस रिमाण्ड पर सौंप दिया।
पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने दावा किया कि बैंकों से इस तकनीक से राशि हड़पने का राजस्थान में सम्भवतया यह पहला मामला है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोतवाली पुलिस थाने के उपनिरीक्षक गजानंद 12 जून की रात को मय जाप्ते गश्त कर रहे थे।
इस दौरान पीजी कॉलेज के सामने दिल्ली नम्बरों की कार व चार-पांच जने संदिग्ध दिखाई दिए। वे पुलिस को देख वे चल दिए, लेकिन शक होने पर पुलिस ने कार का पीछा कर रेलवे पुलिया पर उनकाे घेर कर पकड़ लिया।
पूछताछ की तो आरोपियों कब्जे से 38 एटीएम कार्ड, लोहे का बड़ा पेचकश व 40 हजार रुपए नकद बरामद किए। आरोपी 8 से 12 जून के बीच में अलवर, सवाईमाधोपुर ,कोटा, झालावाड़ होते हुए उज्जैन में वारदात करते आए हैं।
आरोपी अक्सर आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक व कोटक सहित प्राइवेट बैंकों को टारगेट पर रखते हैं। इस सम्बन्ध में पुलिस ने बैंक अधिकारियों को बुला कर उनसे भी तकनीकी सिस्टम की जानकारी जुटाई।
एसपी ने बताया कि सामान्यतया बैंक 20 रुपए तक के ऐसे मामले में कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराता है। यही कारण है कि ये लोग 20 हजार रुपए से कम की राशि एटीएम से निकालते थे।
ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम
आरोपियों ने अपने व अपने रिश्तेदारों के कई खाते खुलवा कर उनके एटीएम कार्ड अपने पास रखते हैं। आरोपी एटीएम में कार्ड को लगाते हैं और प्रक्रिया पूरी कर उसमें राशि भरते हैं। ज्योंही एटीएम राशि गिनने की प्रक्रिया शुरू करता है उसके बिजली का करंट का पावर बंद कर टेम्परिंग कर देते हैं।
इससे राशि तो एटीएम की ट्रे में आ जाती है, लेकिन उसका प्रोसेसिंग सिस्टम बंद हो जाता है। इस दौरान वे एटीएम के चिपक कर खड़े होते इससे जो राशि ट्रे में आती है वह एटीएम के कैमरे में नहीं दिखती है।
ऐसे में राशि तो वे ट्रे से निकाल लेते हैं। फिर वे एटीएम मशीन को चालू कर देते हैं। किसी भी उपभोक्ता के एटीएम से राशि नहीं आती है तो वह 24 घंटे कार्ड के पीछे लिखे नम्बरों से कम्पलेण्ड दर्ज करा सकता है।
ऐसे में ये आरोपी भी शिकायत दर्ज कराते थे। बैंक भी 20 हजार रुपए तक की राशि की बिना जांच किए 7 दिन में राशि वापस डाल देते हैं। गैंग के आरोपी भी इसी प्रक्रिया से बैंक से ठगी करते हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये लोग राजस्थान, गुजरात व मध्य प्रदेश में अधिक वारदात करते हैं। शीघ्र ही अमीर बनने का आरोपियों ने नया तरीका ढूंढा है।
मेवात के है आरोपी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एटीएम हैक कर बैंकों से राशि हड़पने वाले इस गिरोह के सदस्य हरियाणा नूंह मेवात निवासी आस मोहम्मद मेव, मोहम्मद शकील मेव, अरशद मेव, काशिम मेव व भरतपुर के सबलगढ़ निवासी शहीद मेव को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया जिनको पांच दिन के पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा गया।
यह है खुलासा करने वाली टीम
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले जांच में कोतवाली थानाधिकारी अजय यादव,सैंथल थाना प्रभारी नरेश शर्मा एवं बसवा थाना प्रभारी जहीर अब्बास को लगाया। आरोपितों को पकडऩे वाली टीम में कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक गजानन्द, एएसआई लल्लूराम, कांस्टेबल लक्ष्मीकांत, राजेन्द्र, नवीन, पन्नालाल व हरिसिंह शामिल है। इन सभी को पुरस्कृत किया जाएगा।