पुलिस अधिकारी पहुंचे मौके पर, एफएसएल जांच की
दौसा. सिविल लाइन में न्यायिक अधिकारी के क्वार्टर में आग लगने के मामले में चोरी की रिपोर्ट पेश की गई है। पुलिस के अनुसार चोरी के बाद सबूतों को नष्ट करने के लिए आग लगाया जाना प्रतीत हो रहा है। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचन्द कायल, पुलिस वृत्ताधिकारी कालूराम मीना एवं सदर थाना अधिकारी संजय पूनिया ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया। पुलिस ने एफएसएल एवं एमओबी जांच की। इस संबंध में जिला न्यायालय के नाजिर ज्ञानसिंह ने सदर पुलिस में रिपोर्ट पेश की है।
इसके अनुसार 17 जून को शाम करीब 6. 30 बजे अपने क्वार्टर के बाहर धूम रहा था। इसी दौरान मोबाइल पर सूचना मिली कि जिला विधिक प्राधिकरण की सचिव प्रेमलता सैनी के मकान में से धुंआ उठ रहा है। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि वह मुख्यालय से बाहर गई है। ऐसे में उन्हें मोबाइल पर सूचना दी। एक अन्य सहायक कर्मचारी भी मौके पर आ गए। उनके निर्देश पर गेट के अन्दर जाकर देखा। तो लकडी के दरवाजे के ताले की कुन्दी का नीचे लोहे का हिस्सा उखडा पाया एवं अन्दर से कुन्दी बंद थी। जिसे तोडकर हम अन्दर गए तो कमरों में सामान बिखरा था एवं बैडरूम में आग लगी हुई थी।
रसोई में गैस का चूल्हा जल रहा था एवं पीछे के गेट की कुन्दी खुली हुई थी। घर की अलमारियों का सामान बिखरा हुआ था एवं गोदरेज अलमारी का गेट खुला एवं लॉकर टूटे हुए दिखे। इतनी ही देर में पुलिस पहुंच गई। फायर बिग्रेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। चोरी एवं आग से नष्ट हुए सामान का पता न्यायिक अधिकारी के आने पर ही पता चल सकेगा।
इनका कहना है
पहले यह लग रहा था कि शाॅर्ट सर्किट से आग लगी है। सुबह देखा तो चोरी करने के बाद सबूत नष्ट करने के लिए आग लगाया जाना प्रतीत हो रहा है। एफएसएल जांच की है। मामले की जांच की जा रही है। संजय पूनिया, थाना अधिकारी सदर थाना दौसा