
सीएम भजनलाल शर्मा व स्कूली स्टूडेंट्स। पत्रिका फाइल फोटो
Rajasthan School Student Scholarship: दौसा। राजस्थान के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्वयं आवेदन नहीं करना होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में निर्देश जारी किए है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों को कुल 19 प्रकार की छात्रवृत्तियां शाला दर्पण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधान 'शाला दर्पण बेनिफिशियरी स्कीम पोर्टल' तथा 'प्राइवेट स्कूल पोर्टल' के जरिए छात्रवृत्ति प्रस्ताव ऑनलाइन तैयार कर जमा करेंगे।
प्रस्ताव तैयार कर प्रमाणित करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। विद्यार्थियों के प्रवेश के समय ही शाला दर्पण के प्रपत्र-9 और लाभकारी योजनाओं से संबंधित छात्र सूचना एवं रिजल्ट मॉड्यूल को अपडेट करते हुए, प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
पूर्व शिक्षा विभाग के अनुसार कक्षा 6 से 10 तक अति पिछड़ा वर्ग पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति, कक्षा 9 और 10 के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम यशस्वी ओबीसी, एससी और एसटी मैट्रिक छात्रवृत्ति शामिल है। वहीं कक्षा 11 और 12 के लिए केंद्र प्रवर्तित उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित होंगी, जिनमें एससी, एसटी, ओबीसी, डीएनटी, आर्थिक पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
इसके अलावा जोखिमपूर्ण व्यवसाय से जुड़े परिवारों के बच्चों, करगिल युद्ध में शहीद या स्थायी रूप से दिव्यांग सैनिकों के बच्चों तथा भूतपूर्व सैनिकों की प्रतिभावान पुत्रियों के लिए भी छात्रवृत्ति योजनाएं लागू रहेंगी।
कक्षा 10वीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण जनजाति प्रतिभावान छात्रों एवं 11वीं-12वीं की जनजाति छात्राओं को प्रोत्साहन योजनाओं का लाभमिलेगा। केंद्र प्रवर्तित उत्तर मैट्रिक योजनाओं के लिए एनएसपी ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीआर जनरेट करना अनिवार्य होगा। इससे छात्रवृत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और सुगम हो जाएगी।
इधर, शैक्षणिक सत्र 2025–26 के तहत संचालित उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रेल 2026 थी। लेकिन, अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी है। सरकार ने कई शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों की ओर से समय सीमा बढ़ाने की मांग को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।
Published on:
09 May 2026 02:32 pm
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