दौसा

अस्पताल में मरीजों को मिले सभी सुविधाएं

निदेशक ने वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए दिए निर्देश
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Jan 08, 2019
All the facilities available to patients in the hospital
अस्पताल में मरीजों को मिले सभी सुविधाएं

बांदीकुई . चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग निदेशक डॉ.समित शर्मा ने सोमवार को वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के जरिए चिकित्साधिकारी एवं फार्मासिस्ट को रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया। निदेशक ने मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना व जांच योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकारी संस्थानों में दवाई व जांच की उपलब्धता आवश्यक है। निदेशक ने कहा कि अस्पताल एक मंदिर है और चिकित्सक भगवान। कोई भी मरीज अस्पताल में दवा लेने आए तो सभी दवाएं उपलब्ध हों। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ.आरपी मीणा ने बताया कि सीएचसी पर 445, पीएचसी पर 239 एवं उपकेन्द्रों पर 40 दवाएं मुहैया है। इसी प्रकार सीएचसी पर 37 जांच, पीएचसी पर 15 जांचों की सुविधा उपलब्ध हैं। ऐसे में मरीजों को बेहत्तर सुविधाएं मुहैया कराई जाए। इस मौके पर ब्लॉक सीएमएचओ डॉ.आरपी मीणा, डॉ.गोविंदसहाय, डॉ.गिरधर शर्मा, डॉ.रश्मि वर्मा, डॉ.महेन्द्र गुर्जर, डॉ.पवन जांगिड़, डॉ.रविन्द्र उपाध्याय, डॉ.गणपतसिंह, डॉ.अनूप शुक्ला, फार्मासिस्ट सुरज्ञानसिंह गुर्जर एवं चन्द्रवीरसिंह भी मौजूद थे।

हिमोग्लोबिन 7 से कम तो रक्त चढ़ाना जरूरी
दौसा. जिला मुख्यालय पर सोमवार को आयरन सूक्रोज पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में उपस्थित चिकित्सकों को बताया गया कि किसी प्रकार एनिमिया ग्रसित गर्भवती महिला की पहचान करें और उपचार देकर जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचाई जा सकती है। सीएमएचओ डॉ ओपी बैरवा ने बताया कि कार्यशाला में बांदीकुई, सिकराय और महुवा स्थित पीएचसी और सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे। कार्यशाला में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामफल मीणा ने मौजूद चिकित्सकों को स्लाइड शो के जरिए बताया कि यदि जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिला का हिमोग्लोबिन 7 से 10 ग्राम तक है तो उसे आयरन सूक्रोज के इजेक्शन दिए जा सकते हैं। ये इजेक्शन दो सप्ताह में चार दिए जा सकते हैं। इजेक्शन देने से पहले जांच कर लें अगर रिएक्न हो तो उसे उच्च संस्थान के लिए रैफर कर दें।
उन्होंने बताया कि यदि हिमोग्लोबिन 7 ग्राम से कम है तो रक्त चढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि 12 से 28 प्रतिशत तक अबॉर्षन के मामले रक्त की कमी के कारण होते हैं, इसलिए कोशिश की जाए कि रक्त की कमी के कारण होने वाले अबॉर्षन रोके जा सकें। उन्होंने बताया कि जितनी बार गर्भवती महिला जांच के लिए आए उतनी ही बार बीपी जरूर जांचें। बीपी सही होना चाहिए और गर्भवती महिला का वजन भी बढऩा चाहिए। अगर वजन नहीं बढ़ रहा है तो मामले को गंभीरता से लें और उचित जांच व उपचार दें। रक्त की कमी के कारण रैफर करते समय यह ध्यान रखें कि जहां के लिए रैफर कर रहे हैं वहां रक्त की उपलब्धता और रक्त चढ़ाने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि रक्त में हिमोग्लोबिन की मात्रा 7 से 8 - 9 ग्राम हो तो आयरन सूक्रोज के इंजेक्शन देकर बढ़ाया जा सकता है। साथ ही यह भी बताया कि आयरन कभी भूखे पेट लेने की सलाह न दें । कार्यशाला में जिला प्रोजेक्ट अधिकारी गौरव गुप्ता, आरबीएसके के अतिरिक्त नोडल अधिकारी डॉ. हिम्मतराय शर्मा सहित काफी संख्या में चिकित्सक मौजूद थे।


चरागाह पर अतिक्रमण
गुढ़ाकटला. भांवता भांवती से तिगड्डा के आम रास्ते पर अतिक्रमण के कारण अवरुद्ध हुए रास्ते को खुलवाने की मांग पर सोमवार को बसवा तहसीलदार ओमप्रकाश गुर्जर ने मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। बसवा तहसीलदार के साथ गिरदावर विनोद गुप्ता, सरपंच बीरबल बलाई सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि तिगड्डा जाने के रास्ते में चरागाह भूमि पर कुछ लोगों द्वारा पक्का निर्माण कर अतिक्रमण किया जा रहा है। इधर, ग्राम पंचायत मुही के खूण्ड जाटोली गांव के ग्रामीणों ने विधायक जी.आर.खटाना से मिलकर गांव में सड़क निर्माण की मांग की।ग्रामीणों ने बताया कि गांव का तीन किलोमीटर का सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण को दस वर्ष से अधिक का समय हो जाने पर भी प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि गांव को गुढ़ाकटला से जोडऩे वाला एक मात्र मार्ग है। तीन किलोमीटर के इस सड़क मार्ग में जगह जगह गहरे गड्ढे एवं कटाव होने से पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है।

Published on:
08 Jan 2019 10:45 am