दौसा

इशारा मिलते ही कर दिया डोलची से हमला

बाद में खेली देवर-भाभी ने होली
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Mar 23, 2019
dolchi holi
इशारा मिलते ही कर दिया डोलची से हमला

खेड़ला/ महुवा. उपखण्ड क्षेत्र के पावटा गांव में हर वर्ष होली की भाई दूज के दिन शहीद बल्लू सिंह की याद में खेली जाने वाली डोलची होली ध्ूामधाम से खेली गई। इशारा मिलते ही दोनों गौत्र के युवा सेना की तरह भिड़ गए। जानकारी के अनुसार हर वर्ष भाई दूज के दिन पावटा गांव में खेली जाने वाली डोलची होली का इंतजार गांव के युवा ही नहीं आसपास के दर्जनों गांव के लोगों को रहता है। डोलची होली को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पावटा गांव में एकत्रित होते हैं।

यह होली गुर्जर समाज के पीलवाड़ा व दडग़स गोत्र के युवाओं के बीच खेली जाती है। शुक्रवार को इशारा मिलते ही दोनों गोत्र के युवा सेना की तरह एक दूसरे से भिड़ गए और चमड़े की बनी डोलची से एक दूसरे की नंगी पीठ पानी की बैछार की है। इससे कईयों की पीठ लहू लुहान हो गई। फिर पंच पटेलों की समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने खेल को समाप्त किया।


इसके बाद देवर भाभी की होली भी खेली गई। झांकियां सजाकर ढोला मारू की सवारी निकाली गई। इस दिन लोगों ने घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए।


गौरतलब है कि 6 00 साल पहले आपस में दो समुदायों के झगड़े के दौरान बल्लू सिंह शहीद हो गए थे। उनके सिर धड़ से अलग कर दिया गया था इसके बावजूद भी वो विपक्षी सेना से लड़ते रहे और जब तक उन्होंने दूसरी सेना का खात्मा नहीं कर दिया तब तक वो लड़ते रहे । उनकी याद में हर वर्ष डोलची होली का आयोजन किया जाता है।


एक बार नहीं खेली गईथी होली तो...


ऐसा बताया जाता है कि एक बार गांव में किसी कारणवश यह है होली नहीं खेली गई थी । जिसके कारण गांव के लोगों पर प्राकृतिक आपदा आई थी। जिसके बचाव के लिए गांव वाले शहीद बल्लू सिंह के स्थान पर जाकर एकत्रित हुए और हर वर्ष होली खेलने की कसम खाई तब जाकर गांव से आपदा दूर हुई।

Published on:
23 Mar 2019 09:31 am