
कुण्डल .
क्षेत्र में पिछले छह वर्ष से बघेरे (पैंथर) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार देर शाम पहाड़ की तलहटी में चरवाहे की बकरियों के समूह में से बघेरे ने एक बकरी को ले जाकर अपना निवाला बना लिया। ग्रामीणों ने बताया कि खड़का निवासी रामकिशन सैनी अपनी दो दर्जन से अधिक बकरियां चरा रहा था। घर लौटते समय पहले से ही घात लगाकर बैठा बघेरा एक बकरी को उठाकर ले गया। ग्रामीण रामसिंह सैनी ने बताया कि शनिवार तड़के गोपाल ठेकेदार के मकान में प्रवेश कर बघेरे ने पाड़े का शिकार करने का प्रयास किया था।
एक ही वनकर्मी पहुंचा :
इधर, डीएफओ रामानन्द भाकर के दो वनकर्मी मौके पर तैनात करने के निर्देश के बावजूद एक ही वनकर्मी दिग्विजयसिंह राजपूत ही तैनात रहा। दूसरे वनकर्मी के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। सहायक फोरेस्टर रामनारायण गुर्जर ने बताया कि एक वनकर्मी की तबीयत खराब होने से वह मौके पर नहीं पहुंच पाया। दूसरे वनकर्मी को तैनात कर रात्रि गश्त कराई जाएगी।
वनकर्मी पर गिरा पंखा
मेहंदीपुर बालाजी. कस्बे में स्थित वन विभाग कार्यालय में रविवार को बड़ा हादसा टल गया। सुबह करीब दस बजे कार्यालय में आधा दर्जन वनकर्मी बैठे हुए थे कि छत पर लटक रहा पंखा चलते हुए अचानक नीचे आ गया। पंखा एक वनकर्मी के कंधे पर जा गिरा, लेकिन गनीमत रही कि उन्हें चोट नहीं आई। साथी वनकर्मियों ने पंखे को हटाकर वनकर्मी को संभाला। रबर कटने से पंखा नीचे गिर गया।
बिजली निगम ने छेड़ा चोरी के खिलाफ अभियान
भंडाना. विद्युत निगम ने बिजली चोरी के खिलाफ अभियान शुरू किया है। सहायक अभियंता मोहनलाल शर्मा ने बताया कि खम्भों पर सीधे आंकड़े लगाकर कई लोग चोरी करते हैं। इससे बरसात के दिनों में जमीन में करंट आने का खतरा भी बना रहता है। रविवार को मुर्शीद नगर, बायपास, गणेश नगर, वासुदेव नगर आदि जगहों से लगभग 50 आंकड़े उतारे गए। विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर बयानबाजी, दिया नोटिस
दौसा. जिले में कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी व सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी को प्रदेश नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में एक जिला पदाधिकारी को नोटिस भी जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार एक पदाधिकारी ने कांग्रेस की ही एक महिला नेता को इंगित करती सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल दी। यह मामला प्रदेश नेताओं तक पहुंच गया। पीसीसी से जिलाध्यक्ष को कार्रवाई करने के लिए कहा गया। इसके बाद नोटिस जारी किया गया। इधर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ इस मामले को पार्टी का अंदरुनी बताते हुए बचते दिखे। वहीं पहली बार इस तरह नोटिस देने की कार्रवाई पार्टी में खासी चर्चा का विषय बनी हुई है।