
बांदीकुई. कहीं बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं बिजली के तार झूल रहे हैं। कई जगह तो सड़क किनारे ट्रांसफॉर्मर एवं खंभे लगे हुए हैं, लेकिन निगम का इन्हें शिफ्ट किए जाने एवं सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं है। इससे कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। लोग कई बार निगम कार्यालय में भी वस्तुस्थिति से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
जानकारी के अनुसार शहर के बसवा रोड, बडिय़ाल रोड, सिकंदरा रोड, गल्र्स स्कूल रोड, अस्पताल रोड पर अधिकांश जगहों पर खंभे एवं ट्रांसफॉर्मर सड़क किनारे लगे हुए हैं। कई जगह तो तिराहे पर ही ट्रांसफॉर्मर लगे हुए हैं। इनके चारों ओर सुरक्षा के भी कोई बंदोबस्त नहीं है। इससे आए दिन बंदर व आवारा जानवर करंट लगने से मर जाते हैं। शहर में भारी वाहन गुजरने पर आए दिन खंभे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
गत दिनों उपखण्ड अधिकारी कार्यालय एवं एफसीआई गोदाम के समीप खंभे वाहनों की टक्कर से टूट गए, लेकिन रात का समय होने से किसी की आवाजाही नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।
इसके अलावा झूलते बिजली के तार तेज हवा के चलने के साथ ही आपस में भिड़ जाने से फाल्ट हो जाने से बिजली गुल हो जाती है। कुछ जगहों पर तो लोड अधिक होने के कारण ट्रांसफॉर्मरों में तक आग लग जाती हैं, लेकिन निगम प्रशासन कार्रवाई के नाम पर आंखें मूंदकर बैठा हुआ है। गत दिनों नगरपालिका की हुई साधारण सभा की बैठक में भी इन खंभों को सड़क के बीच स्थित डिवाइडरों में शिफ्ट किए जाने का प्रस्ताव लिया गया था, लेकिन अभी तक प्रस्ताव को अमली जामा नहीं पहनाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि निगम की ओर से भूमिगत केबल बिछाकर सप्लाई की जाए तो खंभों की समस्या से स्थाई रूप से निजात मिल सकेगी।
कई जगह तो बिजली के तार लोगों के मकानों के ऊपर होकर गुजर रहे हैं। इससे बारिश के दिनों में करंट प्रवाहित होने का भी डर सताए रहता है।
सहायक अभियंता डीपी बड़ाया का कहना है कि जो खंभे क्षतिग्रस्त थे, वे बदलवा दिए गए हैं। इसके अलावा अधिकांश ट्रांसफॉर्मरों के चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से तारबंदी करवा दी गई है। झूलते तारों की भी मरम्मत करवा दी गई है। खंभों को अन्यत्र होकर शिफ्ट करने के लिए पालिका को तकमीना बनवाकर खर्च होने वाली राशि जमा करानी होगी। नगरपालिका चेयरमैन लक्ष्मी जायसवाल का कहना है कि बोर्ड बैठक में खंभों को सड़क के बीच डिवाइडरों में लगाए जाने के लिए प्रस्ताव लिया जा चुका है। शीघ्र निगम से तकमीना मंगवाकर कार्रवाई की जाएगी। इससे शहर के सौन्दर्यीकरण को भी बढ़ावा मिल सकेगा। (ए.सं.)