
बांदीकुई. सरकार की ओर से केन्द्रीयकृत व्यवस्था के तहत मिड डे मील योजना में 1 नवम्बर से विद्यालयों में बनाए जाने वाले पोषाहार में अब विद्यालयों को दाल की सप्लाई भी की जा रही है, लेकिन मंगलवार को जांच दल ने दाल में कंकरीट एवं कचरा आने पर दाल से भरे ट्रक को लेने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार मिड डे मील योजना के तहत 1 नवम्बर से गेहंू व चावल की तर्ज पर दाल भी मुहैया कराई जाएगी। जिले के पांचों उपखण्ड क्षेत्र की 1800 विद्यालयों के लिए पंचायत समितिवार दाल की सप्लाई की जानी है। इसके लिए जांच दल गठित किया गया।
इसमें मुख्य समन्वयक शिक्षा अधिकारी लालसोट सीताराम शर्मा, सिकराय अनिता अग्रवाल, बांदीकुई संपतराम मीणा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भांवता-भांवती प्रधानाचार्य बाबूलाल गुर्जर को शामिल किया। उड़द की दाल से भरा ट्रक बायपास स्थित भण्डारण पहुंचा। जहां गठित दल ने दाल की जांच की तो कंकरीट व कचरा पाए जाने पर लेने से इनकार कर दिया। इससे पहले भी गत 12 अक्टूबर 2018 को चने की दाल से भरा ट्रक आया था, लेकिन चने की दाल में 17 फीसदी नमी पाए जाने पर लेने से इनकार कर दिया।
ये है जांच प्रक्रिया
मिड डे मील योजना के तहत नेफेड से आपूर्ति की जाने वाली दालों की गुणवत्ता की जांच दो स्तरों पर होती है। इसमें दाल मिल्स पर गुणवत्ता की जांच नेबल एक्रीडीटेड प्रयोगशाला या फिर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच की जाती है। सम्बंधित प्रयोगशाला द्वारा एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) के मापदण्डों के अनुसार दाल की गुणवत्ता का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
इसके बाद दालों को एफसीआई गोदाम तक पहुंचाया जाएगा। एफसीआई गोदाम दाल पहुंचाने वाले प्रत्येक वाहन के चालक को प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट साथ देकर भेजा जाता है। जहां शिक्षा विभागीय अधिकारी एवं खाद्य निगम के अधिकारी दालों का मिलान सैम्पल से करेंगे। मिलान सही पाए जाने पर ही दाल गोदाम में रखवाई जाती है, लेकिन सैम्पल व दाल के पैकेट में कंकरीट मिलने पर लेने से इनकार कर दिया।
कितनी मात्रा में होगी वितरण
कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थिर्या को दाल 20 ग्राम व पत्तीदार सब्जियों सहित 50 ग्राम, तेल 5 ग्राम एवं कक्षा 6 से 8 तक दाल 30 ग्राम, पत्तीदार सब्जियों सहित 75 ग्राम , तेल साढे 7 ग्राम, मसाले आवश्यकतानुसार सहित कुल 150 ग्राम के हिसाब से दिया जाना तय है। (निज संवाददाता)