समाज की रूढ़िवादी परंपरा से आगे बढ़कर एक बेटी ने अपने पिता को श्मशान घाट तक कंधा दिया और रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया।
मेहंदीपुर बालाजी। समाज की रूढ़िवादी परंपरा से आगे बढ़कर एक बेटी ने अपने पिता को श्मशान घाट तक कंधा दिया और रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया। जानकारी के अनुसार खेड़ा पहाड़पुर निवासी रामसुख मीणा (95) का निधन हो गया। ऐसे में उसके बेटा नहीं होने के कारण बेटी प्रेम देवी ने अर्थी को कंधा दिया। इसके बाद अंतिम संस्कार के दौरान मुखाग्नि भी दी।
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक रामसुख के पुत्र, एक पोते व 2 पोतियों की वर्ष 2001 में आगजनी की घटना में मौत हो गई थी। ऐसे में बेटी के अलावा उसका कोई वारिश नहीं होने के कारण बेटी प्रेम देवी ने अर्थी को कंधा व मुखाग्नि देकर पुत्रधर्म निभाया। इसमें उनके परिवार के अन्य लोगों ने भी सहयोग किया। उन्होंने बताया कि बेटा-बेटी में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।