दौसा के गुढ़ाकटला में बुजुर्ग महिला के पैर से कड़े काटने वाले हैवानों का पुलिस ने निकाला पैदल जुलूस! कोर्ट ने 4 दिन की रिमांड पर भेजा, वकीलों ने पीटने की कोशिश की। पढ़ें रोंगटे खड़े करने वाली खबर।
राजस्थान के दौसा जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली और अमानवीय वारदात सामने आई थी, जिसने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया था। यहाँ एक बुजुर्ग महिला मनफूली देवी के पैरों में पहने चांदी के कड़ों को बदमाशों ने कटर मशीन (ग्राइंडर) से काट लिया था। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए बसवा पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को दबोच लिया था। शुक्रवार को जब इन्हें कोर्ट में पेश किया गया और घटनास्थल पर शिनाख्त के लिए लाया गया, तो पुलिस का एक अलग ही रूप देखने को मिला।
पुलिस अभिरक्षा के दौरान आरोपियों से लूटा गया माल बरामद करने और घटनास्थल की शिनाख्त के लिए पुलिस दोनों आरोपियों- महेश प्रजापत (निवासी गुढ़ाकटला) और देवीराम उर्फ बब्बू (निवासी रूंद का बास, महुवा) को लेकर कस्बे में पहुँची।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के हाथों में हथकड़ी डालकर गुढ़ाकटला के मुख्य बाजार से पैदल निकाला। इस दौरान पुलिस उप अधीक्षक रोहिताश देवनंदा, प्रशिक्षु उप अधीक्षक ओम प्रकाश, थानाधिकारी हनुमान सहाय और चौकी प्रभारी रामवीर सिंह सहित भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा।
आरोपियों को इस हाल में देखने के लिए बाजार में लोगों की कतारें लग गईं और हर कोई पुलिस की इस 'ऑन-स्पॉट' कार्रवाई की तारीफ कर रहा था।
बसवा पुलिस जब दोनों आरोपियों को कोलाना स्थित न्यायालय में लेकर पहुँची, तो वहां मौजूद अधिवक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस बर्बरता को लेकर वकील इतने आक्रोशित थे कि कुछ ने आरोपियों के साथ मारपीट करने की कोशिश की।
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष सच्चिदानंद मिश्रा ने साफ तौर पर एलान किया है कि बार एसोसिएशन का कोई भी अधिवक्ता इस तरह का जघन्य और निंदनीय अपराध करने वाले आरोपियों की पैरवी (केस) नहीं लड़ेगा।
न्यायालय की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रोमा भाटिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को चार दिन की पुलिस अभिरक्षा (रिमांड) में भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और वृद्धा के पैर से छीना गया चांदी का कड़ा भी बरामद कर लिया है।
इस संबंध में 13 मई 2026 को पीड़ित महिला के बेटे रामलाल योगी ने पुलिस में केस दर्ज कराया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपी उनके घर में घुसे और सो रही बुजुर्ग मनफूली देवी के पैरों से कड़े काटने लगे।
बदमाशों ने कड़े चुराने के लिए ग्राइंडर मशीन चलाई, जिससे मनफूली के पैर में भी गंभीर चोटें आईं। बदमाश एक कड़ा तो पूरा काट ले गए, जबकि दूसरा कड़ा अधूरा कटा हुआ मौके पर ही छूट गया क्योंकि आसपास के लोगों को भनक लग गई थी और शोर मचने पर आरोपी बाइक से भाग निकले थे।
राजस्थान पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और बाजार में निकाले गए जुलूस से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। बुजुर्गों के साथ इस तरह की हैवानियत बर्दाश्त से बाहर है और वकीलों का पैरवी न करने का फैसला यह साबित करता है कि समाज में अब भी इंसानियत जिंदा है।