
Elderly Couple Dies Within 12 Hours in Dausa
कहते हैं जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं, लेकिन राजस्थान के दौसा में महुवा के टूडियाना गांव में इस कहावत को हकीकत में बदलते देखा गया। यहां एक बुजुर्ग दंपत्ति ने जीवन भर साथ निभाने के वादे को मौत के बाद भी कायम रखा। 65 साल की लंबी शादीशुदा जिंदगी के बाद, जब पति का साया सिर से उठा, तो पत्नी भी उस विछोह को सहन नहीं कर सकीं और महज कुछ ही घंटों में उन्होंने भी अपनी अंतिम सांस ली।
ग्राम पंचायत टूडियाना के प्रशासक घनश्याम गुर्जर ने बताया कि गांव के निवासी गुलाब गुर्जर (85) का बुधवार सुबह करीब 5 बजे लंबी उम्र और बीमारी के चलते निधन हो गया। पूरा गांव गमगीन था और सुबह ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
घर में अभी गुलाब जी की मौत का मातम चल ही रहा था कि शाम होते-होते उनकी पत्नी रेशम देवी (82) की तबीयत बिगड़ने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि रेशम देवी अपने जीवनसाथी के बिछड़ने के दर्द को बर्दाश्त नहीं कर पाईं। शाम को उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
टूडियाना गांव के इतिहास में यह पहली ऐसी घटना थी जहाँ एक ही घर से, एक ही दिन में दो अर्थियां उठीं। बुधवार सुबह पति का अंतिम संस्कार हुआ और शाम को उसी श्मशान घाट पर पत्नी को भी विदाई दी गई। यह सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि उस रूहानी रिश्ते की ताकत है जो इन दोनों ने पिछले 6 दशकों में बनाया था।
गुरुवार को गांव में दोनों दंपती की संयुक्त 'तीये की बैठक' का आयोजन किया गया। इस दौरान महुवा और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुँचे। बैठक में मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। लोग गुलाब गुर्जर और रेशम देवी के उस समर्पण की बातें कर रहे थे, जो आज के दौर में दुर्लभ है।
टूडियाना गांव में अब यह घटना केवल एक मृत्यु नहीं, बल्कि प्रेम और निष्ठा की एक गाथा बन गई है जिसे लोग आने वाली पीढ़ियों को सुनाएंगे।
गुलाब गुर्जर और रेशम देवी की शादी करीब 65 साल पहले हुई थी। इस लंबे अंतराल में उन्होंने न केवल परिवार को पाला-पोसा, बल्कि गांव की परंपराओं और संस्कारों को भी जीवित रखा। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों के बीच कभी कोई बड़ा मनमुटाव नहीं देखा गया और दोनों साये की तरह एक-दूसरे के साथ रहते थे।
आज के दौर में जहां रिश्तों में बिखराव आम बात है, दौसा की यह घटना हमें याद दिलाती है कि 'जीवनभर का साथ' केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अहसासों में होता है। गुलाब और रेशम देवी ने साबित कर दिया कि जब दो रूहें एक हो जाती हैं, तो उन्हें मौत भी ज्यादा देर तक अलग नहीं रख सकती।
Updated on:
15 May 2026 11:14 am
Published on:
15 May 2026 11:14 am
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