
नांगल राजावतान. उपखण्ड के गांव किशोरपुरा स्थित तलाई में भीषण गर्मी व तपती धूप के चलते पानी सूख रहा है। इससे चलते प्रतिदिन जलपरियों की मौत हो रही है। इधर, मछलियों को मौत से बचाने के लिए ग्रामीण ट्यूबवैलों से तलाई में पानी भरने में जुट गए हैं।
जानकारी के अनुसार तलाई में तीन दशक से कभी पानी नहीं सूखा था, लेकिन बारिश कम होने से गिरते भूजल व आग बरसने वाली धूप से तलाई का पानी सूख गया। इससे तलाई में पल रही हजारों मछलियों की जान पर संकट हो गया।
इसे लेकर स्थानीय ग्रामीण तो मछलियों की जान बचाने के लिए आस-पास के खेतों पर लगे ट्यूबवैलों को चलाकर तलाई में पानी भर रहे है, लेकिन तेज धूप के चलते ट्यूबवैलों से भरने वाला पानी भी सूखता जा रहा है। इससे सैकडों मछलियों की मौत हो रही है। मृत मछलियों को ग्रामीण तालाब से निकालकर बाहर डाल रहे हैं।
मदद के लिए उठे हाथ
तलाई में पल रही मछलियों की जान बचाने के लिए व तलाई में पानी भरने की व्यवस्था करने के लिए आस-पास के गांवों के भामाशाहों व प्रशासन द्वारा मदद करने के लिए हाथ उठे तो तालाब में शेष बची हजारों मछलियों की जान बच सकती है।
तालाब में पानी की व्यवस्था नहीं होने से दो-पांच दिनों में तालाब से मछलियों का नामोनिशान मिट जाएगा। ग्रामीण गोविन्दनारायण शर्मा, मथूरेश मीना, रामकरण मीना, शम्भुदयाल मीना, हरिनारायण मीना आदि ने प्रशासन सहित भामाशाहों से मछलियों की जान बचाने के लिए मदद की मांग की है।
फिर कैसे भरें ग्रामीण तालाब में पानी
तलाई में पल रही मछलियों की जान बचाने के लिए आस-पास सहित करीब डेढ किलोमीटर दूर से ग्रामीणों ने ट्यूबवैलों के पाइप लागा कर पानी डालने की व्यवस्था की है, लेकिन बिजली कटौती व कम बिजली आपूर्ति से तालाब में पानी भरने में ग्रामीणों के पसीने आ रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि एक दो घंटे बिजली आपूर्ति होती है। उसमें भी बार-बार कटौती व कम बिजली आने से तालाब में पानी भरने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने निगम अधिकारियों से मछलियों की जान बचाने के लिए नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की है।