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Dausa: राखी बांधने का सपना रहा अधूरा, करंट ने छीनी 20 महीने के भाई की जिंदगी, बिलखती रही दोनों बहनें

Dausa News: दौसा के दुब्बी में पानी की मोटर में करंट आने से 20 महीने के मासूम की मौत हो गई। रक्षाबंधन से पहले परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोनों बहनों का भाई को राखी बांधने का सपना अधूरा रह गया।
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दौसा

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Harshita Saini

Jul 30, 2026

Dausa Child Death

करंट लगने से बीस महीने की मासूम की मौत (Photo-Patrika/AI)

Dausa Child Death: रक्षाबंधन का त्योहार आने वाला है। देशभर में घरों में बहनें अपने भाइयों के लिए राखियां खरीद रही हैं, लेकिन वहीं दूसरी तरफ दौसा जिले के दुब्बी कस्बे के कुम्हार मोहल्ले में इस बार राखी की खुशियां मातम में बदल गईं। यहां खेलते-खेलते 20 महीने के मासूम दिव्यांश की करंट लगने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूट गया है। जानकारी के अनुसार दिव्यांश की छह साल और चार साल की दो बहनें हैं। इस हादसे के बाद उन दोनों बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।

खेलते-खेलते पहुंचा मोटर के पास

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से इलाके में पेयजल सप्लाई की जा रही थी। पानी का दबाव कम होने के कारण कई घरों में लोग मोटर लगाकर पानी खींच रहे थे। इसी दौरान हरिमोहन प्रजापत का 20 महीने का बेटा दिव्यांश खेलते-खेलते घर में लगी पानी की मोटर के पास पहुंच गया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही सेकंड में एक छोटी-सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन लेगी।

मोटर के स्विच में था करंट

बताया जा रहा है कि मोटर के स्विच में करंट दौड़ रहा था। मासूम ने जैसे ही स्विच को छुआ, वह करंट की चपेट में आ गया। परिवार के लोगों ने तुरंत उसे संभाला और बिना समय गंवाए राजकीय अस्पताल दौसा लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चे की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।

राखी बांधने का सपना रह गया अधूरा

दिव्यांश परिवार का सबसे छोटा और सबसे दुलारा सदस्य था। उसकी छह साल और चार साल की दोनों बहनें इस बार रक्षाबंधन पर अपने छोटे भाई की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार कर रही थीं। लेकिन त्योहार आने से पहले ही यह सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया। परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वहीं, पूरे कुम्हार मोहल्ले में भी घटना के बाद शोक का माहौल है। हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल है कि खेलते-कूदते मासूम की जिंदगी आखिर इतनी जल्दी क्यों छिन गई।