दौसा

प्रदेश के 265 गांवों से गुजरेगा दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे

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Jan 06, 2019
highway
प्रदेश के 265 गांवों से गुजरेगा दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे

दौसा.बांदीकुई. दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे वाया वड़ोदरा 148 एन राजस्थान के सात जिलों की 18 तहसीलों के 265 गांवों की सीमा में होकर गुजरेगा। 100 मीटर चौड़ाई का यह राजमार्ग 6 से 15 फीट तक की ऊंचाई तक बनेगा। जहां पर अण्डरपास होंगे, वहां पर ऊंचाई अधिक होगी। वहीं जहां पर अण्डरपास नहीं बनेंगे, वहां पर ऊंचाई करीब 2 मीटर यानि 6-7 फीट की रहेगी। इसके दोनों ओर सुरक्षा दीवार होगी। हाइवे के बीच क्रॉसिंग भी नहीं होगा। हाइवे दौसा जिले की सीमा में होकर 60 किलोमीटर से अधिक दूरी होना बताया जा रहा है। यह अलवर, दौसा, सवाईमाधोपुर एवं कोटा होते हुए मुम्बई के लिए जाएगा। इसकी दूरी करीब 328.44 किलोमीटर होना प्रस्तावित है।


प्रस्तावित हाइवे में जिन जिलों की तहसीलों के गांवों की भूमि आएगी, वहां पर भूमि आवप्ति का काम चल रहा है। सभी तहसीलों से जुड़े उपखण्डों के उपखण्ड अधिकारी प्रत्येक खातेदार की भूमि की आवप्ति की कार्यवाही कर गजट नोटिफिकेशन जारी कर रहे हैं। इसके बाद आपत्तियों का निस्तारण किए जाने पर कार्य योजना बनाई जाएगी। भूमि अधिग्रहण की कवायद के तहत चिह्निकरण कर जिस जगह से हाइवे गुजरेगा, वहां मुड्डियां गाड़ दी गई हैं। साथ ही प्रोजेक्ट इम्प्रुवमेंट यूनिट स्थापित की जाएगी।

जानकारी के अनुसार दौसा जिले के 80 गांवों के अलावा अलवर जिले की तीन तहसीलों के 56 गांवों से हाइवे निकलेगा। इसमें लक्ष्मणगढ़ तहसील के 25, रामगढ़ 9, रैणी के 22 शामिल है। सवाईमाधोपुर की तीन तहसीलों के 32 गांवों में बौंली तहसील के 16, चौथ का बरवाड़ा के 6 व सवाईमाधोपुर तहसील के 10 गांव शामिल हैं। भरतपुर की एक तहसील नगर के 4 गांव भी इस हाइवे की सीमा में आएंगे।

टोंक जिले की तहसील उनियारा के 9 गांव, बूंदी जिले की इन्द्रगढ़ तहसील के 20 व कोटा जिले की 4 तहसीलों के 66 गांव शामिल हैं। कोटा जिले की डिगोड तहसील के 29, लाडपुरा के 19, कानवास 1 व रामगंज मण्डी के 17 गांव शामिल हैं। हाइवे का निर्माण होने से जिन जगहों से यह मार्ग गुजरेगा, वहां विकास को गति मिलने के साथ ही क्षेत्र के लोगों को भी रोजगार की सुविधा मुहैया हो सकेगी।

दौसा में इतने गांवों से गुजरेगा


दिल्ली की ओर से आने वाला यह हाइवे प्रदेश में अलवर जिले से दौसा जिले की बसवा तहसील में प्रवेश करेगा। दौसा जिले की पांच तहसीलों के 80 गांवों की सीमा में होकर हाइवे गुजरेगा। इनमें दौसा तहसील के 8, बसवा 28, नांगलराजावतान 10, रामगढ़पचवारा 22 व लालसोट के 12 गांवों से हाइवे गुजरेगा। जिले के धान्या का बंध भाण्डारेज, डूंगरपुर लालसोट व बड़ का बाड़ा लालसोट में सर्किलों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।


सूत्रों के मुताबिक यह हाइवे बसवा तहसील के पापड़ाकी, भेदाड़ी गुजरान, किशनपुरा, झज्जर की ढाणी, नंदेरा, हरिपुरा, अनंतवाड़ा, आमाली, ढाणी हरिजन, तूरवाड़ा, आभानेरी, ऊनबड़ा गांव, सुनगाड़ी, पामाड़ी, पीचूपाड़ा खुर्द, सोमाड़ा, मोनाबास, मोराड़ी, नारायणपुरा, प्रतापपुरा, श्यामसिंहपुरा, द्वारापुरा, सुमेल कलां, देलाड़ी, सुमेल खुर्द, ढिगारिया, धनावड़, भोजवाड़ा होते हुए गुजरेगा।

जबकि रामगढ़ पचवारा के खेमपुरी, जौपाडा राजावतान, चूडिय़ावास, खूंटला बास, पालूदा,राहुवास, ढोलावास, पातलवास, चक पातलवास, डूंगरपुर, अरनया खुर्द, अरनया कलां, निजामपुरा, बंध डालकर कलां, बिडोली, भरजीता, अमराबाद, सिरया, बडजगनेर, बारह पातलवास व लालसोट के निर्झरना, सवांसा, अजबपुरा, बड़का पाड़ा, लखनपुरा, पटटी चिमापुरा, करणपुराचक, चिमापुरा, डोली, मूंडिया व बारह मूण्डिया से होकर गुजरेगा। जबकि नांगल राजावतान तहसील के आलूदा, आलूदा खुर्द, लाहड़ी का बास, चूडिय़ावास, उदयपुरा, रानी का बास, बागपुरा, लाखन का बास, जैतपुरा व अभयपुरा एवं दौसा तहसील के बाणेका बरखेड़ा, आचियावास, पाड़ली, भाण्डारेज, भगाली, रामपुरा कलां, रामसिंहपुरा व अट्टा बजोरी होकर गुजरेगा।


दो भागों में बंटेंगे गांव
यह हाइवे जितने भी गांवों से गुजरेगा, उनमें से अधिकांश गांव दो हिस्सों में बंट जाएंगे। हालांकि इन गांवों में सड़क निर्माण कम्पनी जगह-जगह अण्डरपास बनाएगी, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में कोई परेशानी नहीं रहे।

किसान सहमत नहीं

उपखण्ड क्षेत्र के किसान हाइवे निर्माण में की जाने वाली भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को लेकर सहमत नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि गांवों की डीएलसी दर बहुत कम है। ऐसे में सरकार को डीएलसी दर का बीस गुना मुआवजा दिया जाए या फिर जितनी भूमि अधिग्रहण की जा रही है, उतनी भूमि उसी गांव में आवंटित कराई जाए। इसको लेकर किसान कई बार उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुंच विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंप चुके हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।


इनका कहना है...

प्रदेश के सात जिलों की 18 तहसीलों में होकर हाइवे निर्माण का काम होगा। हाइवे निर्माण के बाद दिल्ली व मुम्बई के बीच चलने वाले वाहनों के समय एवं ईंधन की बड़ी बचत होगी।
- वाईबी सिंह, पीडी एनएचआई कार्यालय दौसा

Published on:
06 Jan 2019 08:43 am